शेखपुरा जिला के अरियरी प्रखंड अंतर्गत वरुणा पंचायत के अफरडीह निवासी किसान नरेश प्रसाद कुशवाहा ने मीडिया चैनल पर अपनी ओलावृष्टि से प्याज फसल के हुए नुकसान को लेकर दुखभरी बातें कही। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बिहार राज्य के शेखपुरा जिला के अरियरी प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता प्रभात कुमार ने पंचायत वरुणा अंतर्गत अफरडीह निवासी रविन्द्र प्रसाद महतो से साक्षात्कार लिया।जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि काफी मेहनत और खर्च कर प्याज की खेती की थी।लेकिन बारिश के कारण प्याज की फसल बर्बाद हो गई है।एक तो कोरोना महामारी से लोग परेशान हैं। ऊपर से फसल को नुक्सान भी पहुँच रहा है। ऐसे में जीवन यापन तो बहुत मुश्किल से हो रहा है। लेकिन कोरोना महामारी को रोकने के लिए लॉक डाउन भी जरुरी है

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में मंगलवार को 67 लोगों को कोरोना जांच की गई जिसमें 7 लोगों को रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई हैं वही एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने किया है चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार सिंह ने बताया कि लांजी गांव में एक कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 जांच चल रहा हैं। कोविड-19 जांच को लेकर भीड़ है। लेकिन वहां लापरवाही देखने को मिल रही है। जमा उस भीड़ में कई लोग पॉजिटिव भी निकल रहे हैं। लेकिन फिर भी सभी लोग एक दूसरे से पास पास खड़े रहते हैं। कई लोग मास्क के बिना भी वहां चले जा रहे हैं। परंतु शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि एक ही जगह रजिस्ट्रेशन होना और बगल में ही जांच होना इसका एक बड़ा कारण है। साथ ही साथ लोगों की बड़ी लापरवाही भी है। जानते हुए कि इस भीड़ में कोई पॉजिटिव भी हो सकता है लोग लापरवाही बरत रहे। यह लापरवाही जिला के सभी अस्पतालों में देखने को मिल रही है। इस तरह की लापरवाही की वजह से जांच कराने आए नेगेटिव लोगों के भी पॉजिटिव होने का खतरा बढ़ गया है। जांच केंद्रों पर इस तरह की भीड़ जगह जगह देखने को मिल रही है ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेखपुरा द्वारा आम लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए विशेष रथ रवाना किया गया । रथ के माध्यम से लोगों को कोरोना की टीका लगाने कोरोना से बचाव के लिए लगातार मास्क पहनने , हाथ मुह साफ करते रहना और बिना काम के घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई। इस जागरूकता रथ को शेखपुरा विधायक विजय सम्राट ने हरी झंडी देकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ अशोक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे ।रथ के माध्यम से लोगों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि बाहर से आने वाले लोगों को घर जाने से पहले सीधे उन्हें कोरंटाईन सेंटर में भेजा जाए। जहां उनकी जांच के बाद और नेगेटीव पाए जाने के बाद घर जा सकेंगे । यह रथ नगर क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर जागरूक करने का प्रयास करेगा कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की मदद लेने में आगे आया है। जन सहयोग से इस कोरोना की लड़ाई को लड़कर उसे मात दिया जा सकता है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

जिलाधिकारी इनायत खान के निर्देश के आलोक में प्रत्येक परिवार को 6 -6 मास्क निशुल्क देना है ।इसकी तैयारी के लिए बुधवार को बरबीघा प्रखंड के बी डी ओ भरत कुमार के द्वारा एक विशेष बैठक बुलाई गई और समय प्रखंड के सभी परिवारों को 06-06 मास्क नि:शुल्क प्रदान करने के लिए निर्देश दिया गया ।कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी प्रखंडों में माइकिंग भी कराई जा रही है। जिसके तहत लोगों को 2 गज की दूरी, मास्क है जरूरी और अपने हाथों को साबुन या सेनीटाइजर से हाथ की सफाई करना है। स्थानीय आम जनता को उन्हीं की भाषा में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिलाधिकारी के आदेश के आलोक में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

जिले के शेखोपुरसराय-नीम रोड में झाड़ियों के बीच एक नवजात को फेक देने का मामला सामने आया था। वही इसके माता-पिता की पहचान कर ली गई है और माता-पिता अब बच्ची को स्वीकार करने को भी तैयार हो गए हैं । इस संबंध में शेखोपुरसराय थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कल्याण आनंद ने बताया कि पिता पांची गांव के पंकज राम हैं और उनसे संपर्क किए जाने पर भी लोग नवजात को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उसने पुलिस को बताया कि यह उसकी छठी पुत्री है। नवजात बच्ची को मृत समझकर उसे सड़क किनारे फेंक दिया था। अन्य सूत्रों का कहना है कि लगातार बच्ची पैदा होने के चलते उसने बच्ची को फेंक दिया था।अभी नवजात शिशु को सदर अस्पताल के एनएसयूआई विशेष केयर यूनिट में रखा गया है। जहां चिकित्सक की देखरेख में उसका इलाज किया जा रहा है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद माता पिता को बच्ची को सुपुर्द कर दिया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को रोड किनारे नवजात शिशु को फेंका हुआ पाया गया था। जिसके बाद अस्पताल लाया गया वहां से बाल संरक्षण इकाई के हवाले करते हुए इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया था।