शेखपुरा स्थानीय जीएनएम स्कूल में नर्सिंग शिक्षा ग्रहण कर चुकी अंतिम वर्ष की इच्छुक छात्राओं को बुधवार से जिले में कोविड से बचाव कार्य की ड्यूटी में लगाया गया है। इस बाबत सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने बताया कि इन सभी छात्राओं को पिछले दिनों समारोह पूर्वक स्कूल से विदाई दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के आलोक में अंतिम वर्ष की छात्राओं में 27 छात्राओं ने कोविड महामारी से बचाव कार्य में कार्य करने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि इन सभी छात्राओं को नियुक्ति पत्र देकर जरूरतमंद स्थानों पर को विड ड्यूटी में लगा दिया गया है। सीएस ने कहा कि इन जीएनएम को ड्यूटी में लगाए जाने के बाद सरकारी स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध कराने में सहायता मिल पाएगा।मालूम हो कि राज्य सरकार द्वारा शहर के गिरीहिंडा मुहल्ले में तीन साल पूर्व राजकीय जी एन एम स्कूल स्थापित किया गया है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

Transcript Unavailable.

कोविड -19 के महामारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा पूरे राज्य में एक हजार चिकित्सकों की बहाली वॉक इंटरव्यू के तहत किए जाने की निर्धारित तिथि 10 मई को इस जिले में बहाली के लिए 8 अभ्यर्थी पहुंचे। जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर में आयोजित वॉक इंटरव्यू में सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह , डीपीएम श्याम कुमार निर्मल सहित अन्य सदस्य उपस्थित हुए। इस बाबत डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने बताया कि इस जिला में कुल 11 चिकित्सकों की बहाली की जानी है। जिसके विरूद्ध आठ आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच के बाद एक - दिनों में चिकित्सकों को चयन पत्र निर्गत कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के बहाल हो जाने से इस जिला में कोविड जैसे महामारी में सरकारी स्वास्थ्य सेवा लोगों को मुहैया कराने में आसानी होगी।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सोमवार के दिन क्षेत्रीय राजद विधायक विजय सम्राट ने प्राथमिक स्वास्थ्य अरियरी और चेवाड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल की विधि व्यवस्था का जायजा लिया । जांच में दोनों स्वास्थ केंद्रों में बुनियादी सुबिधा संतोषजनक पाया गया । चेवाड़ा के पीएचडी प्रभारी डॉ कैलाश शर्मा के द्वारा बताया गया कि इस स्वास्थ केंद्र में भवन की कमी है।उन्होंने विधायक से भवन बनाने के साथ साथ यात्री शेड बनाने की मांग किया। विधायक ने उन्हें अस्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों से बात कर भवन निर्माण कराने की बात रखूँगा । उन्होंने अस्पताल के सभी चिकित्सकों को सही तरीके से इलाज करने को कहा । साथ ही साधारण मरीज को रेफर करने के बजाय अस्पताल में ही समुचित इलाज करे। ताकि मामूली रोग के कारण मरीज और उसका परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान न हो सके।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

Transcript Unavailable.

सदर प्रखंड अंतर्गत कैथावा गांव स्थित सरकारी स्वास्थ्य उपकेंद्र में वर्षों से ताला लटक रहा है। इस उपकेंद्र में पदस्थापित स्वास्थ्य कर्मी कभी नजर नहीं आते । दवा और इलाज इस अस्पताल में होना दूभर है। कोरोना के विषम परिस्थिति में भी स्वास्थ्य विभाग इस बन्द पड़े अस्पताल को चालू नहीं कर रहे है। जिसके कारण ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। राष्ट्रीय जन जन पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल जी एवम समाजसेवी मृतुन्जय कुमार ने बताया कि इस अस्पताल की बदहाली दूर करने हेतु बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ साथ शेखपुरा विधायक विजय सम्राट व डीएम को मेल के जरिए और ट्वीट के जरिए अवगत कराया जा चुका है। यह स्वास्थ्य केंद्र कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ है और इस कोरोना महामारी के समय में जो स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़ा हुआ है ।इसको जल्द से जल्द चालू करवाया जाए ताकि पूरे पंचायत के लोग को इसका तत्काल उपचार मिल सके ।लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ है। उनके कर्मचारी जो है स्वास्थ्य कर्मी वह अपने घर में सो रहे है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

डी एम इनायत खान के मार्ग निर्देशन में शेखपुरा के जखराज स्थान स्थित कोविड हेल्थ सेंटर में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से लगातार संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर खुशी खुशी अपने अपने घर जा रहे हैं। सिविल सर्जन कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह की टीम के द्वारा होम आइसोलेशन एवं जखराज स्थान स्थित मरीजों की बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके प्रभारी पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सभी रोगियों को के पास जाकर आवश्यक सलाह एवम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन शिफ्ट में डॉक्टर 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं ।

रोहतास जिले के सरकारी अस्पतालों में उसी मरीज का इलाज होगा, जिसका ऑक्सीजन लेवल 85-90 से उपर हो। वर्ना उसे भर्ती हीं नहीं किया जाएगा। यह कहना है डेहरी अनुमंलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ संजीव जी का। वे कहते हैं कि 90 से कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीजों को भर्ती नहीं करने का आदेश उपर से है। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बुधवार के दिन शेखपुरा के क्षेत्रीय विधायक विजय सम्राट ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ महेंद्र कुमार , अस्पताल प्रबन्धक धीरज कुमार , कई चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद मिले। विधायक ने इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न जांच कक्षों का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक के साथ एक संक्षिप्त बैठक कर अस्पताल की कमियों और समस्याओं से अवगत हुआ। अस्पताल उपाधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में वेंटिलेटर और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध रहने के बाबजूद इनके संचालन हेतु कोई कर्मी उपलब्ध नहीं है । जिसके कारण इस अस्पताल में इलाज करवाने हेतु आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जबकि जबकि एक सौ बेड का अस्पताल घोषित किए जाने के बाद भी यहां सौ बेड अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया।इस पर विधायक ने चिंता जताते हुए फौरन स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर कोविड के महामारी को देखते हुए शीघ्र इस अस्पताल में वेंटिलेटर और अल्ट्रासाउंड मशीन को चालू रखने हेतु कर्मियों का पदस्थापन करने की मांग की । ताकि इस जिले के मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों में रेफर होना न पड़े।इसी तरह उन्होंने अस्पताल में सौ बेड की भी व्यवस्था करने की मांग की।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

कोविड -19 के तेजी से हो रहे संक्रमण और इससे होने वाली मौतों से जहां जिलेवासी भयभीत है। वहीं पिछले कुछ दिनों से शहर के नामी - गिरामी दवा दुकानों के मालिक अपनी दुकानें शाम के 4 बजते ही बन्द कर दे रहे है । जो कि चिंता का विषय है। आज की विषम परिस्थिति में लोगों को दवा की जरूरतें काफी महत्वपूर्ण हो गई है। लेकिन बड़े बड़े दवा दुकानदार अपनी अपनी दुकानों को बन्द कर चलते बन रहे है। वहीं दर्जनों मरीजों के परिजन आवश्यक दवा के लिए शहर के खुले छोटे-छोटे दवा की दुकानों का चक्कर लगा रहे है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।



(Copyright) Gram Vaani

License for using the audio links: These links of people's voices can be used for research and advocacy efforts provided they are in line with the Mobile Vaani manifesto. If you plan to use these links then please inform us at contact@gramvaani.org and cite appropriate papers in your report, such as the following: Moitra et al (2016) on the Mobile Vaani operational model, Chakraborty et al (2017) on the use of Mobile Vaani for social accountability, Chakraborty et al (2019) on behavior change communication through Mobile Vaani, Seth et al (2020) on design axes for voice-based discussion forums, and Seth (2020) on ethical practices to manage information platforms. Please cite only the mp3 links and not the pages themselves.