लॉकडाउन के नियमो के उल्लंघन के मामले मिडिया द्वारा लगातार उजागर किया जा रहा है। इसपर बुधवार को प्रशासन संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गयी। नगर परिषद क्षेत्र के बिचली गली माहुरी टोला के प्रचलित सरयु किराना दुकान को सील कर दिया गया। पूरे लॉकडाउन के दौरान अब यह दुकान नहीं खुलेगी। जबकि और भी दुकानदारो को कड़ी चेतावनी दी गयी है ।चेतावनी पर भी नही सुधरने पर दुकान सील करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है। जिला प्रशासन, नगर परिषद के साथ मिलकर पहले भी नगर क्षेत्र की कई दुकानों को सील किया है। जिसमे कपड़ा और आभूषण के दुकान शामिल हैं। इस सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि मुख्य सडक पर स्थित दुकान निर्धारित समय 11 बजे बंद कर दिया जाता है। लेकिन बिचली गली में संचालित दुकान देर शाम तक खुले रहते है। यहाँ लोग आधा शटर नीचे करके भी दुकान चलते देखे जा रहे थे। मिडिया में आ रही इन रिपोर्टो पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। दुकानदारो के अलावा आमलोगों को भी कोरोना को दूर भगाने को लेकर लॉकडाउन के नियमो के अनुपालन की अपील की है। लोगो को अधिक से अधिक इस समय घर में रहेने की नसीहत दी जा रही है। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग जरुर करने को कहा जा रहा है। साथ ही दुरी के नियमो के पालन की भी अपील की जा रही है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

जिले में कोरोना को मात देकर स्वास्थ्य होनेवाले लोगो की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। यहाँ अब संक्रमित होने से ज्यादा लोग स्वास्थ्य हो रहे हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग के ताज़ा आंकड़ो के अनुसार एकदिन में 183 लोगो ने कोरोना को मात दे दी। इसमें से अधिकाश कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में थे। जबकि दो के नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कोविड केयर सेंटर से घर भेजा गया। जिसमे एक बरबीघा के 36 बर्षीय नीरज कुमार हैं, जबकि नगर क्षेत्र के पटेल चौक के 17 बर्षीय किशोर को भी घर भेजा गया। अभी तक जिले में ठीक होने वाले लोगो की कुलसंख्या 2676 पहुच गयी है। एक साथ इतने लोगो के स्वास्थ्य होने पर यहाँ स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ जिला प्रशासन में हर्ष देखा जा रहा है। इसे कोरोना के खिलाफ जारी जंग में जीत के रूप में देखा जा रहा है। इससे कोरोना से पीड़ित लोगो का हौसला भी बढेगा। साथ ही दूसरे लोग भी इससे सबक लेकर कोरोना नियमो कापालन करते हुए कोरोना पर बिजय पा सकेगे। हलाकि अधिकारी इसे लॉकडाउन का असर भी बता रहे हैं। बताया गया है कि कोरोना संक्रमित होने के दस दिन बाद इस बीमारी सेसम्बन्धित कोई लक्षण नहीं पाए जाने पर ऐसे लोगो को स्वत स्वस्थ्य घोषित करते हुए पोर्टल से संक्रमित की सूचि से नाम अलग कर देता है। जिले में कोरोना का दूसरा लहर बड़ी संख्या में लोगो को चपेट में लेकर भयाक्रांत किये हुए। परन्तु ऐसे आंकड़े से हौसलाअफजाई हो रही है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

शेखपुरा स्थानीय जीएनएम स्कूल में नर्सिंग शिक्षा ग्रहण कर चुकी अंतिम वर्ष की इच्छुक छात्राओं को बुधवार से जिले में कोविड से बचाव कार्य की ड्यूटी में लगाया गया है। इस बाबत सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने बताया कि इन सभी छात्राओं को पिछले दिनों समारोह पूर्वक स्कूल से विदाई दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के आलोक में अंतिम वर्ष की छात्राओं में 27 छात्राओं ने कोविड महामारी से बचाव कार्य में कार्य करने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि इन सभी छात्राओं को नियुक्ति पत्र देकर जरूरतमंद स्थानों पर को विड ड्यूटी में लगा दिया गया है। सीएस ने कहा कि इन जीएनएम को ड्यूटी में लगाए जाने के बाद सरकारी स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध कराने में सहायता मिल पाएगा।मालूम हो कि राज्य सरकार द्वारा शहर के गिरीहिंडा मुहल्ले में तीन साल पूर्व राजकीय जी एन एम स्कूल स्थापित किया गया है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

बुधवार को बरबीघा शहर में उमड़ी भीड़ को देखकर कोरोना को हराना मुश्किल बना हुआ है।11बजे दिन तक प्रत्येक दिन इस तरह का दृश्य शहर में बना रहता है । सोशल डिस्टेंस का अनुपालन और मास्क लगाकर बाहर निकलने के निर्देशों की लोग खुले आम धज्जियां उड़ा रहे हैं।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

लॉक डाउन के दौरान डीलर के द्वारा समय पर राशन नहीं दिया जाता है। जिसके कारण गरीबों को समस्या होती है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। जिसके कारण उनका भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है। सरकार को शिक्षा की ओर ध्यान देते हुए जल्द ही कोई निर्णय लेना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

चेनारी प्रखंड के प्रखंड पदाधिकारी ने दिए जानकारी माइक द्वारा अलग-अलग पंचायतों मैं वैक्सीन लगाने का 18 से 45 वर्ष के बीच में सभी लोग को निर्देश दिया। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सरकार द्वारा कोरोना के खिलाफ छिड़ी लडाई पर विजय पाने के लिए लॉकडाउन लगाया है। यहाँ जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन के नियमो का अनुपालन करवाया जा रहा है। ताकि कोरोना के श्रृंखला को तोडा जा सके लेकिन इस काम में लोगो की लापरवाही आगे आ रही है। बाज़ार क्षेत्र में लोगो की यह लापरवाही मंहगा पड़ रहा है। जिनके परिजन कोरोना से कराह रहे है और जान गवा रहे हैं उनकी हालत सुनकर किसी का भी दिल दहल सकता है। सवेरे 07 बजे से 11 बजे तक बाज़ार खुलने के समय में भीडभाड लगाना लोग अपना मौलिक अधिकार सनझ रहे है। बाज़ार में आवश्यक सामानों की खरीदारी के समय बाजारों में उमड़ी भीड़ देखकर यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर कितने लापरवाह है। बिना मास्क और आवश्यक दूरी का पालन किये बिना खरीदारी में जुटे हैं। बाज़ार में 11 बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगो ने बताया कि सात बजे के स्थान पर यहाँ 05 बजे ही बाज़ार खुल जाते हैं। बड़ी संख्या में दुकानदार उसी समय से सभी नियमो को ताक पर रखकर दुकानदारी शुरू कर देते हैं। कहने को तो लॉकडाउन के दौरान केवल आवश्यक वस्तु की दुकान खोली जानी है। लेकिन सभी प्रकार की दुकानों में सामान उपलब्ध है। दुकान का शटर नीचे कर दुकान के बगल में बैठे रहते हैं। ग्राहक की मांग पर दुकान से सामान निकालकर दे देते है। फिर अगले ग्राहक के इंतजार में बैठ जाते हैं। किसी भी व्यक्ति को किसी भी समान की कमी नहीं होने देते। लेकिन आमलोगों के साथ साथ दुकानदारो की यह मनमानी लॉकडाउन के उद्देश्यों को विफल करने वाला साबित हो रहा है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

मंगलवार को चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत बेलछी गांव की संक्रमित 65 वर्षीय महिला मालती देवी कोविड -19 को मात देकर प्रसन्नचित होकर जखराज स्थान स्थित कोविड केयर सेंटर से घर के लिए वापस लौटी। बेलछी गांव निवासी कुशेश्वर प्रसाद की पत्नी मालती देवी को पोजीटिव होने के बाद सांस लेने में तकलीफ होने पर इस कोविड सेंटर में गत 8 मई को भर्ती कराया गया था।सेंटर के चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों और केयर टेकरों के द्वारा उचित देखभाल व इलाज के बाद महिला को एक पुनर्जन्म होने जैसा महसूस हुआ । घर वापस लौटने के दौरान महिला और उनके परिवार वाले काफी खुश नजर आ रहे थे।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

मंगलवार को शेखपुरा जिला के डीएम इनायत खान के पिता एचएम खान का निधन हो गया। वे लगभग 64 बर्ष आयु के थे। पटना के पारस अस्पताल में मंगलवार को उसने अंतिम साँस ली। उनके निधन का समाचार आते ही डीएम आवास से लेकर पूरे सरकारी महकमे में शोक की लहर दौड़ गयी। इसके पहले वे कोरोना से संक्रमित होने के बाद स्थानीय डाक्टर की देखरेख में कोरोना को मात दे दी थी। बाद में साँस की तकलीफ के बाद यहाँ से चार दिन पूर्व डाक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया था। इस सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि स्वर्गीय खान बिहार में ही केनरा बैंक के क्षेत्रीय पदाधिकारी के रूप में सेवानिवृत हुए थे। वे मूल रूप में उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले थे। सेवानिवृति के बाद वे यहाँ डीएम के साथ ही सरकारी आवास में रहते थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद डीएम के सरकारी आवास में ही होम आइसोलेट होकर कोरोना को हराया था। अधिकारियो से मिली जानकारी में बताया गया है कि उनके अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर आगरा ले जाने की तैयारी की जा रही है।



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