अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहान में दवा की उपलब्धता शून्य हो गई है ।इस संबंध में लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा और चिकित्सक की तैनाती की मांग की है ।गौरतलब है कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहान पर लोगों की कोरोना जांच और टीकाकरण मंगलवार को किया गया। जिसमे 40 लोगों की जांच की गई। जांच के दौरान 6 लोग पोजिटिव मिले।जबकि 25 लोगों को टीकाकृत किया गया।लेकिन केंद्र पर कोई दवा नहीं रहने के कारण लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ।लोगों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेवाडा और जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल जाने में लोगों को इस कोरोना महामारी के काल में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ।इसलिए लोगों ने केंद्र पर दवा चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की है। गौरतलब है स्वास्थ विभाग द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ वैलनेस सेंटर पर तैनात डॉक्टरों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर जिला मुख्यालय के कोविड केयर सेंटर में तैनात कर दिया गया है जिस कारण लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

सदर प्रखंड के चितौरा गांव में बीती रात्रि एक किराना दुकान में आग लगने से लाखों रुपए मूल्य के समान जलकर राख हो गई । सूत्रों ने बताया गया है कि चितौरा गांव में बालेश्वर साव का किराना और अतिरिक्त सामान का दुकान था। इनके दुकान से आसपास के गांव के भी लोग सामान खरीदने आते थे। सूत्रों ने बताया व्यवसाई बालेश्वर साव के बेटा और बेटी की शादी मंगलवार को निकटवर्ती लखीसराय शहर में होना तय था। उनका लखीसराय में अपना मकान भी है। बेटा और बेटी के को लेकर सभी लोग यहां घर और दुकान में ताला जड़ कर वहीं चले गए थे। इसी बीच बीती रात्रि अचानक उनके दुकान में आग लग गई। जिसमे लगभग दो लाख रुपए मूल्य से अधिक राशि के किराना सामान , कई बोरा चीनी , मैदा , चावल , आटा सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। वैसे गांव के लोग आग बुझाने में भरपूर सहयोग किया।इस बाबत मेहु स थाना अध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक अलीम अजाद ने कहा कि आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं चल पाया है।उन्होंने कहा कि घटना के सम्बन्ध में पीड़ित व्यवसाई द्वारा अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि घटना में व्यवसाई को हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है।

सोमवार की रात्रि नगर क्षेत्र के श्रीबाबू चौक के समीप हथियारबंद अपराधियों ने एक घर को निशाना बनाकर लाखों रुपए की संपति की लूट की घटना को अंजाम दिया।लूटपाट के दौरान परिवार वालों के साथ मारपीट भी किया। घटना में घायल लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है डकैती की यह घटना रविरंजन कुमार नामक व्यक्ति के घर में दी गई है जो मूल रुप से नालंदा जिले के सरमेरा थाना अंतर्गत तोड़ा गांव के निवासी है। कुछ वर्षों से भी श्रीबाबू चौक के समीप ही मकान बनाकर सपरिवार रह रहे थे। लूटपाट के संबंध में पुलिस ने बताया कि मध्य रात्रि के दौरान दस की संख्या में हथियारबंद अपराधियों ने मकान में घुसकर सभी परिवार को हथियार के नोक पर अपने कब्जे में ले लिया। घर में रखे जेवर, नगदी, बर्तन, कपड़ा सहित अन्य कीमती सामानों को लूटकर भाग निकले। इस बाबत बरबीघा थाना अध्यक्ष जयशंकर मिश्र ने बताया कि पुलिस द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिया गया है। घटना के बाद शहरवासियों में भय का माहौल देखा जा रहा है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

अज्ञात लोगों ने किसी नवजात बच्ची को सड़क के किनारे फेक दिया । बुधवार को शेखोपुरसराय नीमी रोड में सड़क के किनारे कपड़े में लपेटकर एक नवजात बच्ची को कलयुगी मां फेककर फरार हो गई।शेखोपुरसराय बाजार से वापस नीमी गांव लौट रही दो छात्राओं ने जब बच्ची को रोते हुए देखा और आसपास के लोगों को सूचना दी। मौके पर बच्ची को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।नवजात शिशु के माता-पिता का कहीं अता पता नहीं चला तो स्थानीय लोगों ने बच्ची को लेकर पी एच सी में भर्ती करा दिया। अस्पताल के प्रभारी डॉ विपिन कुमार ने बताया कि बच्ची लगभग एक सप्ताह के अंदर जन्म ली प्रतीत होती है और पूर्ण रूप से स्वस्थ है। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची की मां ने चुपचाप बच्ची को सड़क किनारे फेंका और वहां से चलते बनी। फिलहाल स्थानीय प्रशासन के सहयोग से बरामद की गई बच्ची को बाल संरक्षण इकाई को सौंपने की तैयारी की जा रही है। मालूम हो कि इसी प्रखंड के अंबारी गांव के बधार में भी एक सप्ताह पूर्व तीन माह की बच्ची को लावारिस अवस्था में फेंका हुआ पाया गया था।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

आज भी गरीब लोगों को खलती है कमियां यह घटना चेनारी बाजार की बताई जा रही है समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में चेनारी में एक वृद्ध महिला को उसके परिजनों ने एक ठेले पर इलाज करने के लिए लाए लेकिन वह लोग आधा घंटा तक स्वास्थ्य केंद्र में खड़े रहे लेकिन कोई डॉक्टर इलाज करने के लिए नहीं आया और इलाज करने आया भी तो बोला कि हम मर चुकी है ऐसे में आप लोग बताएं इस खबर को विस्तार से सुनने के लिए इस ऑडियो पर क्लिक करें

कल चेनारी बाजार में कोविड-19 गाइडलाइन का अनदेखी करने वाले दो दुकानों को किया गया सील इसकी जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी ने दिए

जिलाधिकारी इनायत खान के निर्देशों के आलोक में सोमवार को कार्यपालक अधिकारी नगर परिषद दिनेश दयाल के द्वारा शेखपुरा नगर में रोस्टर के तहत दुकानों की जांच की गई । जिला सूचना एवम जनसंपर्क पदाधिकारी सत्येन्द्र प्रसाद ने बताया कि नगर में रोस्टर के अनुसार दुकान खुला पाया गया । उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी का स्पष्ट स्पष्ट निर्देश है कि इस पर लगातार निगरानी करने की आवश्यकता है । इससे बाजारों में भीड़ नहीं लगेगी । उधर डी एम ने कोरोना से बचाव को लेकर अपने अपने घरों मे सुरक्षित रखने की अपील आम लोगों से की है। बेवजह घर से न निकलने और मास्क का उपाय हरदम करने की सलाह दी है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सोमवार के दिन कोरोना से मरने वालों की संख्या इस जिला में चार हो गई। भारतीय स्टेट बैंक के कर्मी एवम शहर के मखदुमपुर मोहल्ला निवासी भुवनेशवर यादव की 50 वर्षीय पत्नी चंचला देवी की मौत इलाज के दौरान हो है। इस बाबत युवा समाजसेवी सतपाल यादव ने बताया कि रविवार की शाम उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई।इस शिकायत के बाद उन्हें शहर के एक निजी क्लीनिक एसआरएल में भर्ती कराया गया। जहां उनका जांच किया गया। जांच के क्रम में रिपोर्ट पॉजिटिव आया। धीरे धीरे शरीर में ओक्सीजन का स्तर गिरता गया और सोमवार की शाम दम तोड दी। मालूम हो कि कुछ ही दिन पहले इस मुहल्ले के निवासी और लोजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष चन्दन यादव की मौत हो गई थी। सोमवार को इससे पहले दो लोगों की मौत कोविड सेंटर जखराज स्थान और एक महिला की मौत केवटी डीह गांव में हो चुका है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

जिला में कोविड का कहर लगातार जारी है। एक तरफ जहां इससे संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। वहीं इस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या थम नहीं रही है। हलांकि जिला प्रशासन इस महामारी से बचाव को लेकर अपनी तरफ से हर उपाय करने की जुगाड में लगी है। सोमवार की सुबह शहर के गिरिहिंडा स्थित कोविड केयर सेंटर में फिर दो इलाजरत संक्रमितों की मौत हो गई। मालूम हो कि रविवार को भी इस केन्द्र में इलाजरत दो महिला संक्रमितों की मौत हो गई थी। जिसमे एक बरबीघा के जदयू विधायक सुदर्शन कुमार की चाची शामिल थी। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों ने बताया कि सोमवार को इस सेंटर में भर्ती शहर के बुधौली मुहल्ला निवासी जानकी साव के 52 वर्षीय पुत्र अरुण प्रसाद की मौत हो गई।जबकि एक अन्य मरीज संजय सिंह , उम्र 48 पिता अर्जुन सिंह , ग्राम नोनी ( जमुई ) की मौत इस सेंटर में हो गई। मौत के इस मामले में सबसे खौफनाक मंजर यह है कि परिजन कोविड सेंटर से मृतक की लाश लेने से भी इंकार कर रहे है। स्वास्थ्य महकमा इनके परिजनों को मना कर नगर परिषद के सफाईकर्मियों के द्वारा लाश को डिस्पोजल कराने की तैयारी में है। मृतक संजय सिंह की पत्नी सदर अस्पताल में कार्यरत है। इसलिए इस व्यक्ति को भी इलाज के लिए इसी कोबिड सेंटर में भर्ती कराया गया था। मालूम हो कि रविवार को भी इस कोबिड सेंटर में दो महिला की मौत हो गयी थी । मृतकों के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।उधर कोरोना से मरने वालों की संख्या में तेजी आ जाने से जिलावासी दहशत में है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

तेउस पंचायत के पूर्व उप मुखिया एवम श्री साईं सेवा संस्थान तेउस के सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह का सोमवार के दिन आकस्मिक मौत हो गया। इस बाबत गांव के समाजसेवी रूपेश कुमार राजू ने बताया कि तीन दिन पहले बुखार से अचानक पीड़ित हो गए। जिन्हे इलाज हेतु बरबीघा शहर स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि क्लीनिक में इलाज हेतु पहुंचने पर जब चिकित्सक द्वारा उन्हें कोरोना जांच की सलाह दी गई। तब वे सपरिवार रेफरल अस्पताल बरबीघा में कोरोना का जांच करवाया। जिसमे उनके दो पुत्रों का रिपोर्ट पोजीटिव मिला। जबकि इनका और इनकी धर्मपत्नी का रिपोर्ट निगेटिव बताया। जांच के बाद ये घर पहुंचे। जहां अचानक इनकी तबियत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। वे लगभग 72 वर्ष आयु के थे।वे राष्ट्रीय जन जन पार्टी के भी सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के नेताओं के साथ साथ समाजसेवियों व बुद्धिजीवियों ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की है।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।