झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि देश में लगभग 80 परसेंट लोग कृषि पर निर्भर हैं।किसानों को फसल उगाने में जितना पूंजी लगता है उतना बेचने पर भी मूल्य नहीं निकल पाता है।किसानों का कहना है कि फसल उगाने में कई तरह परेशानियां आती हैं। कई जगह फसल में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। फसल में पानी के कमी होने के कारण वह अच्छी तरह से तैयार नहीं हो पाता है और कभी कभी जरूरत से अधिक बारिश होने पर भी फसल खराब हो जाता है
विष्णुगढ़ प्रखंड के जोबर पंचायत भवन परिसर में शनिवार को प्रशासन के द्वारा उपलब्ध कराए गए 75 जरूरतमंद बुजुर्ग असहाय के बीच कंबल वितरण किया गया।इस अवसर पर मुखिया चेतलाल महतो पंचायत सचिव रामानंद प्रसाद पंचायत स्वयंसेवक चंद्रशेखर महतो नागेश्वर महतो पंचायत समिति सदस्य कैलाश महतो उमेश मंडल समेत कई लोग मौजूद थे।
विष्णुगढ़ प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी प्रभारी पीयूष कुमार के अध्यक्षता में प्रखंड सभागार भवन में शुक्रवार को विष्णुगढ़ एवं टाटीझरिया प्रखंड के सभी पीडीएस संचालकों के बीच 4Gई पोस मशीन का वितरण किया गया।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं और लड़की के खिलाफ भेदभाव पर कार्य समूह क्या है?लोकतंत्र,शांति, न्याय,सतत विकास और सर्वाधिकार सुरक्षा के लिए महिलाओं के भूमि अधिकार महत्वपूर्ण है।महिलाओं के लिए सुरक्षित भूमि अधिकार ऐसे शक्तिशाली और निरंतर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं जो लैंगिक समानता और सतत विकास लक्षों तथा मानवाधिकार की एक विस्तृत श्रृंखला को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।फिर भी भूमि पर अधिकारों और पहुंच से समबंधित मानवाधिकार उल्लघनों के केंद्र में महिलाएं ही रही हैं।भेदभाव पूर्ण कानून और सामाजिक मापदंड महिलाओं की भूमि तक पहुंच को बाधित करते है। भूमि स्वामित् की असुरक्षा से महिलाएं अधिक बुरी तरह प्रभावित होती है। कानून और व्यवहार में महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव के मुद्दे पर गठित कार्य समूह जिसे दो हजार उन्नीस में महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध भेदभाव पर कार्य समूह के रूप में नाम दिया गया
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के सामूहिक भूमि अधिकार परिवारों और समुदायों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। जब महिलाओं को भूमि पर अधिकार और पहुँंच प्राप्त होती है तो इसका आर्थिक लाभ उनके परिवारों और समुदायों तक पहुँचाता है। शोध से पता चलता है कि पुरषों की तुलना में महिलाएं अपने कृषि और भूमि आधारित आय का अधिक हिस्सा अपने परिवार के लिए योगदान करती है।जिसके परिणामस्वरूप खाद्य सुरक्षा और बच्चे के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार होता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कुछ समुदाय में महिलाओं को केवल अपने पतियों या पुरुष रिश्तेदारों से प्राप्त सामुदायिक भूमि तक ही पहुंच प्राप्त होती है। जो अक्सर उनकी वैवाहिक स्थिति से जुड़ी होती है। इससे महिला का भूमि स्वामित्व असुरक्षित हो जाता है।जिसका अर्थ है कि पति की मृत्यु या तलाक होने पर वह भूमि पर अपना अधिकार खो सकती है। जिससे वह और उसके बच्चे गरीबी में धकेल दिए जा सकते हैं। कृषि श्रम बल में महिलाओं की अच्छी खासी हिस्सेदारी है लेकिन कृषि भूमि मालिकों को उनकी संख्या अल्पसंख्यक है। यहाँ तक की जब उन्हें भूमि का अधिकार प्राप्त होता है तब भी उनके भूखंड अक्सर दूसरों के भूखंडों की तुलना में छोटे और कम गुणवत्ता वाले होते हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं अपने समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।पारम्परिक रूप से जीविका चलाने वाली उत्पादक है और घरेलू उपयोग या अतिरिक्त आय के लिए पानी,जलाऊ लकड़ी, चारा,जंगली पौधे और जड़ी बूटियां जैसे प्राकृतिक संसाधन को इकट्ठा करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।फिर भी सभी स्वदेशी और पमंपरिक समुदाय सामूहिक रूप से महिलाओं के भूमि अधिकारों को मान्यता नहीं देती है।महिलाएं कृषि कार्य में लगी रहती हैं। लेकिन इन्हें पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही दिया जाता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि विश्व में पच्चीस लाख लोग ऐसे है जो अपनी आजीविका सामाजिक संबंधों और सांस्कृतिक पहचान के लिए सीधे तौर पर सामूहिक भूमि स्वामित्व और प्रणालियों पर निर्भर हैं।सामूहिक भूमि स्वामित्व प्रणालियों में समुदाय के प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट संसाधन और भूमि पर विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। अधिकांश स्देशी और पारम्परिक समुदाय सामूहिक स्वामित्व के अंतर्गत भूमि धारण करते हैं।
विष्णुगढ़ पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर अपनी तत्परता दिखाते हुए एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 6 आरोपी को ब्लैकमेलिंग करते हुए पुलिस ने धर दबोचे गए।बताते चले कि उक्त आरोपी मसाज के नाम पर लड़कियों को होटल में उपलब्ध कराने होटल व्यवस्था करने के नाम पर झांसा देकर फिनो पेमेंट गूगल पर अन्य तरह से लोगों को अपनी जाल में फंसा कर लोगों से ठगी करने का साइबर क्राइम किया करते थे इसकी सूचना थाना प्रभारी को मिलते रहती थी उन्होंने उक्त जानकारी जिले के एसपी अंजनी कुमार को दी टीम गठित कर सघन छापामारी किया गया जिसमें 6 आरोपी को धर दबोचा इस संबंध में थाना कांड संख्या 1/2026 319 /318/ 316/ 2 61 बीएनएस 66डी आईडी एक्ट के तहत प्राथमिक की दर्ज की गई। पुलिस ने 12 स्मार्टफोन विभिन्न बैंकों का 10 एटीएम एक कर बरामद किया।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल संरक्षण में महिलाओं के अधिकारों पर आंकड़े समिति है।लेकिन 53 देशों के साक्ष्य बताते हैं कि सत्तर प्रतिशत से अधिक महिलाओं के पास कोई भूमि नहीं है। यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो महिलाएं और भी पिछड़ जाएंगी और जलवायु समबंधित अपदाओं का खतरा उन पर बढ़ जाएगा। जब महिलाओं के सम्पत्ति अधिकार सुरक्षित होंगे तो उन्हें मृदा संरक्षण और अन्य जलवायु अनुकूल कृषि में निवेश करने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
