झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि विश्व बैंक समूह की 2024 -2030 के लिए लैंगिक रणनीति में आवास,भूमि और अन्य भौतिक संपत्ति के स्वामित्व और उपयोग का विस्तार करने का आह्वान किया गया है। आय सृजन,खाद्य सुरक्षा,ऋण तक पहुँच और अन्य आर्थिक लाभों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में एचएलपी पर महिलाओं के कानूनी अधिकारों नियंत्रण और पहुँच को सुनिश्चित करना आवश्यक है।जैसे हालिया लेख में बताया गया है कि एसएलपी भूमि और संपत्ति अधिकार के लिए महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने कई तरह के परिणाम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जिनमें शामिल है -जैसे की महिलाओं की सौदेबाजी और निर्णय लेने की शक्ति में वृद्धि, घरेलू हिंसा में कमी, खपत में वृद्धि,बेहतर बाल कलयाण,कृषि से इतर श्रम और आय के क्षेत्र में परिवर्तन करने की क्षमता।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को अपने भूमि अधिकार सुरक्षित करने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे। जमीनी स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले समुदायिक समूह के राष्ट्रीय आंदोलन की महिलाओं के अनुसार,भूमि अधिकार सुरक्षित करने के लिए दृढ़ता,धैर्य और सहयोग आवश्यकता होती है।केन्या के नापुरा शहर और कुरसोई समुदायों में ग्रुपस के साथ हाल ही में किए गए दौरे के दौरान जिन महिलाओं से हम मिले उन्होंने गठित होकर एक दूसरे का समर्थन करके सामाजिक मापदंडों को चुनौती देकर और पुरुष समर्थकों की पहचान करके और उन्हें प्रोत्साहित करके औपचारिक भूमि अधिकार प्राप्त की है।
झारखंड आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक टेकलाल महतो के बड़े पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश भाई पटेल का तृतीय पुण्यतिथि विष्णुगढ़ प्रखंड के चानो पंचायत में मनाया गया इस पुण्यतिथि के अवसर पर उनके बड़े पुत्र गौरव पटेल के द्वारा लोगों को शाॅल देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का अध्यक्षता कपिल देव चौधरी प्रखंड अध्यक्ष के द्वारा किया गया एवं संचालन टीपू लाल महतो ने किया इस अवसर पर गौरव पटेल ने कहा कि राम प्रकाश भाई पटेल एक निर्भीक सादगी पूर्ण संघर्षशील नेता थे झारखंड आंदोलनकारी में उनका अहम योगदान रहा इस अवसर पर विष्णुगढ़ मध्य जिला परिषद सदस्य पूर्व यशोदा देवी 20 सूत्री सदस्य देवी राम हेमराम प्रखंड उपाध्यक्ष रामकिशोर महतो रतन पटेल महादेव मुर्मू मुखिया दुलारचंद पटेल विजय महतो छोटू हांसदा मनोवर आलम समेत बड़ी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद थे।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला भूमि अधिकार पर अपनी राय साझा किया। राजकुमार ने बताया कि महिलाओं के भूमि अधिकारों पर बातचीत में पुरुषों को शामिल करने का कारण हिंसा को रोकना है। महिलाओं को अक्सर ही बल पूर्वक और आक्रामक तरीके से उनकी भूमि से बेदखल कर दिया जाता है।कभी कभी उनकी जान को भी खतरा होता है। भूमि का अधिक्रण मिलने के बावजूद महिलाओं को पुरुषों द्वारा किए जाने वाले उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। कई महिलाओं के पास भूमि है लेकिन इन फिर भी उन्हें अपनी भूमि एक बोझ जैसी लगती है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला भूमि अधिकार पर अपनी राय साझा किया। राजकुमार ने बताया कि महिलाओं की भूमि अधिकारों में भागीदारी उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।बेहतर पोषण,शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच देती है। जिससे घर और समुदाय में उनकी शक्ति भी बढ़ती है।यह भागीदारी कानूनी और सामाजिक बधाओं को दूर करके संयुक्त स्वामित्व को बढ़ावा देकर और भूमि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करके प्राप्त की जाती है। जो उनके जीवन की गुणवत्ता और सामुदायिक निर्णयों में उनकी आवाज को मजबूत करती है
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं ने अपने अधिकारों को पाने के लिए कई प्रयास किए। जिनमे पहला प्रयास था, महिलाओं ने शिक्षा प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सके और समाज में बराबरी का स्थान पा सके।दूसरा, सामाजिक आंदोलन था। महिलाओं ने विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में भाग लिया जैसे कि माताधिकार आंदोलन। जिससे उन्हें वोट देने का अधिकार मिला।तीसरा, महिलाओं ने कानूनों में सुधार की मांग की। जैसे - दहेज प्रथा के खिलाफ कानून, घरेलू हिंसा से सुरक्षा और समान वेतन के लिए संघर्ष। चौथा,संगठित प्रयास था। इसमें महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह,महिला संगठन और समितियां बनाकर अपने अधिकारिओं के लिए आवाज उठाई।
