झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं ने अपने अधिकार के लिए सत्याग्रह में भाग लिया था।अछुत महिलाओं के बीच शिक्षा और जागरूकता फैलाने के लिए महिला संघ शुरू की गई।1927 में मंदिर प्रवेश के लिए हुए महाड़ सत्यग्रह में भी स्वर्ण हिन्दुओं ने भाग लिया।सत्याग्रह में स्त्री और शूद्रों को अपमानित करने वाली मनु स्मृति को जलाने का निर्णय लिया गया। मनु स्मृति की होली जलाने के बाद हुए प्रदर्शन में पचास से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।इसके बाद अम्बेडकर ने सभा को सम्बोधित किया और महिलाओं को साड़ी पहनने की अपनी शैली बदलने , हल्के गहने पहने और मृत जानवरों का मांस ना खाने की सलाह दी।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार देने के लिए डॉ भीम राव आंबेडकर ने कई तरह की परेशानियों का सामना किया है। उन्होंने पूरे राजनीतिक जीवन महिलाओं के साथ साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों की दयनीय दुर्दशा के लिए आवाज उठाई। उन्होंने बम्बई विधान परिषद में मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में वॉयसराय की सभा में और संतत भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में संसद में भी भारतीय महिलाओं की कई समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान की मांग की थी
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार दिलाने में डॉ भीम राव आंबेडकर की अच्छी भूमिका रही है। भारतीय नारी की विडम्बना यह है कि उचित सदियों से मनोविधान के दमनकारी नियमों से जीवन जीने के लिए विवस किया गया। जिसके कारण वे अपने विरुद्ध कानूनों को सहने की अभ्यास हुई। इसलिए आज भी अधिसंख्यक महिलाएं मनोवादी व्यवस्था आधारित कथा कथित मनो स्मृति के महिला विरोधी कानूनों का संगठनात्मक तरीके से विरोध नहीं कर पा रही हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अपने अधिकार के लिए चुनाव लड़ना चाहिए। इनको अधिकार नहीं मिल पा रहा है और कोई भी नेता महिलाओं को अधिकार देने की बात नहीं करते हैं।महिलाओं के हक़ में कानून बनाना चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिला अधिकार के लिए शिकायत दर्ज हेल्पलाइन नंबर वन एट वन में कर सकती हैं । इसमें वह तुरंत मदद और सहायता के लिए इस नंबर पर आरोप कॉल करके मदद पा सकती हैं। दूसरा महिला आयोग है -इसमें अपनी शिकायतें राज या राष्ट्रीय महिला आयोग में दर्ज करा सकती हैं। तीसर कानूनी सहायता है -इसमें महिला वकील की मदद ले सकती हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार के बारे में प्रचार प्रसार करना चाहिए। महिलाओं को उनके अधिकार के लिए आंदोलन करना चाहिए ताकि उनको अधिकार मिल सके
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर महिलाएं खेती कर रही हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में शिक्षकों और सुधारकों ने महिला शिक्षा में योगदान दिया है।जिससे उन्नीसवीं शताब्दी में भारत में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिली।सन 1948 ईस्वी में भारतीय अग्रदूत ज्योतिबा की पत्नी सावित्री बाई फूले ने अठारह सौ अड़तालीस में पुणे में बालिकाओं के लिए भारत का पहला स्कूल शुरू किया था
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि स्त्री ही सम्पत्ति की परंपरा में मुख्य भूमिका निभाती है।फिर भी प्राचीन समाज से लेकर आधुनिक समाज तक स्त्रियां उपेक्षित ही रही हैं।उन्हें कम से कम सुविधाओं,अधिकारों,उन्नति के अवसरों में रखा जाता रहा है।इस वजह से महिलाओं की स्थिति अत्यंत निचले स्तर पर है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि 2005 के हिन्दु अधिकारी अधिनियम ने बेटियों को पैतृक समपत्ति में सहदायिक अधिकार दी गई है। लेकिन यह सामाजिक स्तर पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाया था और कुछ बाधाएं भी थी। जैसे कि पितृ सताात्मक संस्कृति,सामाजिक रीति रिवाज,शिक्षा और जागरूकता की कमी और पितृ सतात्मक महिलाओं के भूमि अधिकारों के रास्ते में प्रमुख बाधाएं हैं।
