झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय कानून विधवा महिलाओं को कई अधिकार देता है। जिसमें पति की सम्पत्ति में हिस्सेदारी और पुनर्विवाह का अधिकार।हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 में शुरू किया गया था।इन अधिकारों में भरण - पोषण का अधिकार भी शामिल है। जब वे आय अर्जित न कर सके तब उन्हें गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है।साथ ही वे अपने बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकती हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि स्त्रियों की समानता और अधिकारों के लिए किए गए कुछ प्रमुख प्रयास किये गए हैं। पहला है,बाल विवाह निषेध अधिनियम। दूसरा है, दहेज निषेध अधिनियम।दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए चलाया गया था।तीसरा है, महिला संहिता सुधार। ये घरेलू हिंसा रोकने के लिए 2005 में घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम चलाया गया था।इन अधिनियमों के माध्यम से स्त्रियों को समानता और अधिकार प्राप्त करने के लिए कुछ प्रमुख प्रयास किए गए थे। इनसे महिलाओं को बहुत लाभ प्राप्त हुआ है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को विभिन्न अधिकार दिए गए हैं जैसे - शारीरिक अखंडता और स्वायत्तता का अधिकार ,यौन हिंसा से मुक्ति, वोट देने का अधिकार ,सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार ,कानूनी अनुबंधों में प्रवेश करने का अधिकार ,पारिवारिक कानून में समान अधिकार ,काम करने का अधिकार ,उचित मजदूरी या समान वेतन प्रजनन अधिकार ,संपत्ति का अधिकार आदि
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को एकजुट होना चाहिए। महिलाओं को चुनाव लड़ना चाहिए और महिलाओं को वोट देना चाहिए। जिससे उनका विकास होगा और अधिकार मिलेगा। महिलाओं को महिला अधिकार संगठन से जुड़ना चाहिए और उनका मदद लेना चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए ताकि उनको अधिकार मिल सके और वह अपना आवाज़ को उठा सके। उनको एकजुट होना जरूरी है। महिलाओं को उनके अधिकार के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण उनको दबा दिया जाता है और उनको अधिकारों से वंचित रखा जाता है।इसलिए महिलाओं को शिक्षित और जागरूक होना जरूरी है।महिलाओं को 1091 पर कॉल कर के अपने समस्या का समाधान करने के बारे में जानकारी लेना चाहिए।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार के लिए जागरूक होना चाहिए। जागरूक नहीं होने के कारण उनके साथ अन्याय होता जा रहा है। उनको शिक्षित होना चाहिए और स्थानीय संगठनो से जुड़ना चाहिए ताकि उनको अधिकार दिलाने में मदद कर सके
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शीतलहर ठण्ड,घने कोहरे में बच्चे एवं चिर रोगी अनावश्यक घर से न निकलें: डॉ आरसी प्रसाद मेहता ---- हजारीबाग। मेहता हॉस्पिटल के निदेशक एवं कांग्रेस स्वस्थ विभाग के प्रमंडलीय स्वास्थ्य अध्यक्ष डॉ॰ आरसी प्रसाद मेहता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंड प्रदेश के लोगों से आह्वान किए की बढ़ती ठंड शीतलहर, कोहरे में चिर रोगी जैसे डायबिटीज हाट एवं किडनी अस्थमा से संबंधित पुराने बीमारी से ग्रसित बच्चे बुजुर्ग व्यक्ति अनावश्यक घर से न निकले।अति आवश्यक हो तो गर्म कपड़े कोट स्वेटर हाथ में दस्ताना एवं टोपी पहनकर निकले। गर्म पानी एवं गर्म तरल पदार्थ पीते रहे। स्कूली छोटे बच्चों के बचाव के लिए सरकार एवं प्राइवेट स्कूल संचालकों से निवेदन है की कोहरे को देखते हुए स्कूल के समय में परिवर्तन किया जाए जरूरत पड़ने पर बंद करें ताकि बच्चे स्वस्थ रहे। क्योंकि स्वस्थ सर्वोपरि है शिक्षा सेकेंडरी है। ठंड के मौसम में गर्म पानी का सेवन करें फ्रिज में रखे हुए सामानों का उपयोग न करें। हृदय रोगी समय समय पर बीपी पल्स ब्लड शुगर का जांच कराते रहे। सर्दी एवं ठंड के मौसम में आग की बोरसी हीटर का ज़्यादातर लोग प्रयोग करते हैं परंतु मैं लोगों निवेदन करूँगा कि सोते समय बोरसी हीटर का प्रयोग बंद कमरे में नही करें । क्योंकि हीटर अंगीठी का प्रयोग बंद कमरे में करने से ऑक्सीजन की कमी और कार्बन डाइऑक्साइड की वृद्धि से अनेकों मौतें या दुर्घटनाएं प्रत्येक वर्ष देखने को मिलता है। इसलिए बंद कमरे में सोते समय अंगीठी बोरशी हीटर का प्रयोग कदापि न करें। ठंड के मौसम में शाकाहारी पनीर मटर हरा साख सब्जी। का प्रयोग करें गर्म पानी ज्यादा से ज्यादा पिए। सर्दी के समय में ज्यादातर लोग पानी कम पीते हैं। पानी की कमी से रिहाइडरेशन होने की संभावना रहती है। शीतलहर के समय गर्म पानी से स्नान करें। मांसाहारी व्यक्ति अंडा मांस मछली का प्रयोग सामर्थ्य अनुसार करें। धूम्रपान मदिरापान इत्यादि नशा का प्रयोग नहीं करें। ठंड एवं कोहरे के समय में वाहन चालक सावधानी बरतें। कोहरे के समय वाहन का लैट जलाकर धीरे धीरे चले चालक आगे पीछे दायाँ बाएं देखकर सुरक्षित चले क्योंकि कोहरे के कारण अनेकों दुर्घटनाएं होती हैं जिसका सावधानी बरतें।
