उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से शांति ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा चाहिए था। मगर इनके पति ने इनको ऐसा करने से मना किया और अलग से इनके नाम से जमीन खरीदने की बात की।फिर इनके पति ने इनके नाम से जमीन खरीद दिया।जमीन पाकर ये पूरी तरह संतुष्ट हैं।इनका मायके से भी सम्बन्ध अच्छा है। जमीन खरीदने में इनके दोनों भाइयों ने भी मदद किया था।सम्पत्ति अधिकार के बारे में विस्तृत जानकारियां इनको मोबाइल वाणी के माध्यम से मिला था।महत्वपूर्ण जानकारियां देने के लिए शांति ने मोबाइल वाणी को धन्यवाद दिया।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से वंदना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही मिल रहा था। एक दिन इन्होने मोबाइल वाणी पर प्रसारित कार्यक्रम सुना। कार्यक्रम में बताया गया था कि बेटियों का भी पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा होता है। जानकारी मिलने के बाद इन्होने कचहरी में जाकर अपने हक़ के लिए वकिल की मदद से मुकदमा किया।दो-तीन महीने में इनके भाइयों का फ़ोन आया। भाइयों ने मुकदमा वापस लेने को कहा और इनको हिस्सा देने का आश्वासन दिया।लेकिन वंदना अपना हिस्सा कोर्ट से लेना चाहती हैं। इनको पूरा विश्वास है इनको हिस्सा जरूर मिलेगा
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रीना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनकी मुलाकात मोबाइल वाणी संवाददाता नूतन उपाध्याय के साथ हुई।मुलाकात के दौरान इनको पता चला कि पैतृक सम्पत्ति में बेटी का भी हिस्सा होता है।पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा के लिए रीना ने अपने भाई पर मुकदमा किया।मुकदमे से परेशान होकर के इनके भाई ने इनको पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा दे दिया।अब रीना सम्पत्ति में हिस्सा पाकर बहुत खुश हैं।साथ ही इन्होने नूतन उपाध्याय एवं मोबाइल वाणी को धन्यवाद दिया।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से अमरनाथ मेहरावत मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार होना चाहिए। बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। वर्तमान में महिला अधिकार को लेकर सजकता बढ़ी है और यह आगे भी जारी रहेगी। महिलायें समाज को आगे बढ़ा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि देखा जाता है कि महिला हर क्षेत्र में आगे है लेकिन संपत्ति के अधिकार में पीछे हैं। महिलाओं को जागरूक करना चाहिए। महिलाओं को सशक्त होना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से मोनी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि जो सरकार का नियम है,उस नियम का लोगों को पालन करना चाहिए। जैसे पैतृंग संपत्ति में हिस्सा। इनके भाई पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं दे रहे थे जिसके बाद इनकी मुलाक़ात मोबाइल वाणी के संवादाता अलोक श्रीवास्तव से कचहरी में हुई। अलोक श्रीवास्तव ने एक वकील से बात कि और वकील शाहब ने भुगतान मुकदमा कर दिया है और इनको कहा कि जमीन में जल्द ही हिस्सा मिल जायेगा।इनको थोड़ा परेशान होना पड़ा लेकिन इनका काम हो गया। वह मोबाइल वाणी का धन्यवाद करना चाहती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रिंकू देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में हिस्सा नहीं लेना चाहिए क्योंकि जब इनकी शादी हुई थी तो इनके पिता के साथ इनके भाइयों ने भी बहुत मदद किया और 11 लाख रुपया भी खर्चा किया है। 11 लाख में इनके भाइयों का भी हिस्सा था लेकिन उन्होंने कोई एतराज़ नहीं किया। तो अब वह कैसे हिस्सा ले सकती हैं। नियम अनुसार वह जमीन में हिस्सा ले सकती हैं लेकिन इससे भाइयों में लड़ाई हो जाएगी। इसलिए मायके में हिस्सा नहीं लेना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नेहा से हुई। नेहा यह बताना चाहती हैं कि उनके पिता जी ने बहुत पैसा खर्चा कर के इनकी शादी कराई है तो इसलिए वह जमीन में हक़ नहीं लेना चाहती है और भाई से रिश्ता ख़राब नहीं करना चाहती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से 35 वर्षीय नूतन उपाध्याय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सोनी से हुई। सोनी यह बताना चाहती हैं कि इनको पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। जिस तरह से पैतृक संपत्ति में इनका भाई का हिस्सा है उसी तरह इनका भी हिस्सा है। अगर इनका भाई जमीन में हिस्सा नहीं देंगे तो वह न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराएंगी
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रद्धा उपाध्याय से साक्षात्कार लिया।श्रद्धा उपाध्याय ने बताया कि पैतृक सम्पत्ति में इनका हिस्सा मिलना चाहिए। बेटी का सम्पत्ति में जन्म से अधिकार है।जैसे इनके भाई का हिस्सा बनता है ठीक वैसे ही इनका हिस्सा भी पैतृक सम्पत्ति में बनता है। यदि इनके भाई पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही देंगे तो ये न्याययालय जाएंगी।
