गांव आजीविका और हम के इस कड़ी में हम हमारे विशेषज्ञ जीवदास साहू द्वारा जानेंगे देश में एलनीनो का प्रभाव खेती पर कैसे पड़ता है और एलनीनो के प्रभाव से बचने के लिए किसान भाइयों को क्या क्या करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

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गांव आजीविका और हम के इस कड़ी में हम हमारे विशेषज्ञ जीवदास साहू द्वारा जानेंगे बैगन की अच्छी फसल के लिए कौन कौन से खाद का प्रयोग कर सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

उत्तरप्रदेश राज्य के शंतकबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि आजकल डीजल और पेट्रोल के लिए लंबी-लंबी लाइने देखने को मिल रही है। देश में पेट्रोल और डीजल की कमी के चलते भारत के प्रधानमंत्री ने लोगों से गुजारिश की है कि लोग अनावश्यक ना चलें। देश में डीजल पेट्रोल सीमित है और फिर कभी भी समस्याएं बढ़ सकती है। ऐसे में आज देखने को भी मिल रहा है कि डीजल और पेट्रोल लेने के लिए पेट्रोल पम्प पर सुबह से ही लाइने लगती है और वह लाइने कम नहीं रहती है। बल्कि ये लाइने लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक रहती है, जहाँ डिब्बा, गाड़ी व अन्य साधन लिए हुए लोग अपने बारी का इंतजार करते है कि कब उन्हें पेट्रोल मिल पायेगा। साथ ही अब धीरे धीरे खेती किसानी का भी समय आ रहा है इसलिए किसान भी चिंतित है कि यदि डीजल नहीं मिला तो खेत की रोपाई और अन्य कार्य कैसे होंगे। अतः शांत कबीर मोबाइल वाणी के माध्यम से वे लोगों से आग्रह करते हैं कि सभी लोगों को प्रधानमंत्री जी की बातों पर ध्यान देना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से कामिनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही मिल रहा था।फिर इन्होने मोबाइल वाणी पर महिला सम्पत्ति अधिकार से सम्बंधित कार्यक्रम सुना और मोबाइल वाणी संवाददाता के.सी.चौधरी से इस बारे में बात की।के.सी.चौधरी ने वकील से बात किया और अधिकार के लिए प्रयास शुरू किया। तमाम कठिनाइयों के बाद दो महीने पहले कामिनी को पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिल गया।इस घटना के बाद भैया से इनका रिश्ता ख़त्म हो गया है। पिता का देहांत पहले ही हो चूका था।कामिनी के पति ने हमेशा इनका ध्यान रखा है। मगर ननद के व्यवहार का जवाब देने के लिए इन्होने अपने पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा लेने का मन बनाया था।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू परवल में फूल हो रहे है पर फल नहीं लग रहे की जानकारी दे रहे हैं ।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी.चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं को राशन कार्ड, बैंक,शिक्षा,रोजगार आदि से जोड़ा जा रहा है। परन्तु जब सम्पत्ति के अधिकार की बात आती है तब महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार देने से लोग कतराते हैं। ऐसा नही होना चाहिए।महिलाओं को भी सम्पत्ति का अधिकार मिलना चाहिए।महिलाओं को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। साथ ही जागरूक महिलाओं को क्षेत्र की कम शिक्षित महिलाओं को सम्पत्ति के अधिकार के प्रति जानकारी देनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रेखा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जेवर और प्रॉपर्टी यह एक ऐसा धन है जो हमेशा के लिए बना रहता है। इनके पति के पास दोनों में से कोई धन नहीं है। यह मोबाइल वाणी के एपिसोड को सुनी तो इनको सब समझ आ गया और यह पति से प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में बात की ,जिसके बाद पति ने इनको पिताजी से प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगने के लिए सलाह दिया। रेखा ने पिताजी से प्रॉपर्टी की मांग की जिसके बाद पिता ने रेखा को कचहरी बुलाया और कहा कि वह रेखा को प्रॉपर्टी में हिस्सा दे देंगे। वह बहुत खुश है और इन्होने मोबाइल वाणी को धन्यवाद दिया।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से 68 वर्षीय राज शेखर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन्होने बेटियों के अधिकार के बारे में प्रसारित कार्यक्रम मोबाइल वाणी पर सुना। इनको यह कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा और प्रभावित हुए।फिर इन्होने बिना किसी झिझक के दो महीना पहले,अपने बेटे और बेटियों में सम्पत्ति बाँट दिया।इनका पूरा परिवार खुश है और किसी को कोई एतराज नही है।राज शेखर का सुझाव है कि ऐसा काम सभी समाज के सभी लोगों को करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से मालती ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक दिन उनको सहेली ने बताया कि मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कॉल आया था जिसमे बताया गया था कि पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी अधिकार होता है।जिस तरह पैतृक संपत्ति में बेटों का अधिकार होता है उसी तरह बेटियों का भी हक़ होता है। यह सुनकर मालती ने रजिस्ट्री के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया वहां पर वह वकील से मिली और जमीन में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने उनके भाइयों पर मुकदमा दर्ज करवाया।जिसके बाद इनके भाई परेशान होकर जमीन मालती के नाम कर दिया।वह सहेली और मोबाइल वाणी को धन्यवाद कहना चाहती हैं।