उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीनी हक दिलाने के लिए योजना बनाना चाहिए। जिसके तहत गांव में जा कर गरीब महिलाओं की सूची बना कर उन्हें आवास और जमीन देना चाहिए। जिससे महिला आर्थिक रूप से मजबूत होंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए। जमीनी अधिकार रहेगा तो वो आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। सरकार को गरीब महिलाओं की मदद करना चाहिए उनके नाम जमीनी पट्टा करवा कर
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मायके में नहीं मिलना चाहिए। अगर मायके में हिस्सा दिया गया तो भाईयों के साथ विवाद होगा। ससुराल में अगर उनके नाम से जमीन रहा तो वो मजबूत रहेगी।अगर उनके पति कभी छोड़ देते हैं, तो वो खेती कर के अपना खर्च चला सकती हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मायके में नहीं मिलना चाहिए। लेकिन मायके में नहीं मिलना चाहिए। महिलाओं को जमीन मिला तो वो आर्थिक रूप से मजबूत बनेगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहती है कि महिला को जमीन में हिस्सा मायके में नहीं मिलना चाहिए। अगर मायके में हिस्सा दिया गया तो भाईयों के साथ विवाद होगा। ससुराल में ही महिलाओं को जमीन में हक देना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहती है कि महिला को जमीन में अधिकार ससुराल में मिलना चाहिए। अगर कोई भाई नहीं हो तो ही मायके में जमीन मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए अगर उन्हें मायके में हिस्सा मिला तो उनके भाइयों में विवाद हो सकता है। इसलिए महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राज से हुई। राज कहते है कि मायके में महिला को हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। उन्हें उनके पति के घर में हिस्सा मिलना चाहिए। अगर वो मायके में हिस्सा लेंगी तो भाइयों के साथ विवाद हो सकता है। दूसरी बहनें भी अगर हिस्सेदारी के लिए दावा करेंगी तो और बड़ा विवाद हो सकता है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद फ़राहन से हुई। फ़राहन कहते है कि मायके के जमीन में बहन को हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। उन्हें उनके पति के घर में हिस्सा मिलना चाहिए। अगर बहन को दिया जाएगा मायके में तो भाई बहन में विवाद होगा और स्थिति बदल जायेगी
