झुलसा देने वाली गर्मी में दिहाड़ी मजदूरों की परेशानियां बढ़ गई हैं यह मजदूर तेज धूप में मजदूरी करने को विवश हैं मजदूर अपनी लाचारी और बेबी के कारण तेज धूप हुआ उमस भरी गर्मी में काम कर रहे हैं जिससे शाम को 2 जून की रोटी का सहारा हो सके।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से विजय पाल चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मजदूरों की स्थिति आज कल दयनीय हो गई है। क्योकि उनका दैनिक मजदूरी कम होने की वजह से वे अपने परिवार का भरण पोषण अच्छे से नहीं कर पाते हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि दहेज़ प्रथा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है ।जिससे घर में लड़की है ,उनके लिए दहेज़ इक्कठा करने में मुश्किल होता है। बच्चियों को पढ़ा तो रहे है पर समस्या आ रही है दहेज़ पर। देहज प्रथा के प्रति अब लोगों को जागरूक होना ज़रूरी है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से अरविन्द ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाएँ अपने नाम से नहीं जानी जाती है ।महिलाओं को सम्मान भी नहीं मिलता है। भ्रूण में ही महिलाओं को पनपने नहीं दिया जाता है। पैसा के दम पर लिंग जाँच करवा कर लड़कियों को मार दिया जाता है। अगर किसी कारण लड़की का जन्म होता है तो माता और बच्ची दोनों के साथ बुरा व्यवहार किया जाता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि सड़क का कार्य अधूरा है। लोग परेशान है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से मोहम्मद इमरान , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि गलत संगत में पड़कर युवा नशे के जाल में फंस कर अपना दिमागी संतुलन खो रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। महानगरों और छोटे शहरों में अवैध मादक पदार्थ बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। युवा पीढ़ी के ऐसे अभिभावक, जो अपनी व्यापारिक व्यस्तताओं में उलझे रहते हैं, अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। वह कहां जाता है, किससे मिलता है, उसके मित्रों की आदतों की जानकारी लेने की चिंता नहीं करते हैं। ऐसी लापरवाही से ही युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती चली जाती है। गलत संगत में पड़कर नशा करने की छोटी-छोटी शुरुआत से ही धीरे-धीरे नशे की आदत उसके शरीर पर गहरी पकड़ बना लेती है। ऐसी अवस्था में नशे की भूख उसके लिए असहनीय हो जाती है, तब नशीले पदार्थों का सेवन करने के लिए अपने अभिभावकों पर पैसा लेने के लिए दबाव डालने लगता है। मना करने पर तरह-तरह की धमकियां देने लगता है। पैसा नहीं मिलने पर चोरी जैसी बुराई को अपना लेने में भी शर्म महसूस नहीं करता है। ऐसी परिस्थिति आने पर नशे की लत पर अंकुश लगाने में अभिभावक भी असमर्थ हो जाते हैं। युवाओं की चिंताजनक स्थिति होने के बाद ही नशे के जाल से निकालने के लिए अभिभावकों की चेतना जागृत होती है। पर शायद तब तक देर हो चुकी होती है। नशे की आदत के शिकार युवाओं के मां-बाप सामाजिक बदनामी से डरकर किसी परामर्श आश्रम में भेज कर उसका इलाज कराने से भी हिचकने लगते हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से अरविन्द ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि हरे पेड़ काटने से जीवों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वायु का अभाव हो जाता है जिससे जीवन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। वृक्ष जलवायु नियंत्रण में सहायक होते है

छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि देश आधुनिकीकरण को लेकर सड़क चौड़ीकरण और भवन निर्माण ,उद्योग स्थापित किया जा रहा है । इसके लिए पेड़ों की अंधाधुन्द कटाई की जा रही है। इसी कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि पर्यावरण के लिए पेड़ों की कटाई रोकनी चाहिए ।ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा जिम्मेवार पेड़ों की कटाई है। इसीलिए पेड़ों की कटाई रोकनी ज़रूरी है। जिस तरह पेड़ों का कटाई किया जा रहा है लेकिन उस के मुकाबले पेड़ों को लगाया नहीं जा रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि गर्मी से जीव जंतु परेशान है। पोखरे और तालाब सूखने से पशुओं को समस्या हो रही है ।