उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कौशल से हुई। कौशल कहते है कि इंसान को सुकून के लिए लोगों से दूरी बनाए रखना चाहिए क्योंकि लोग ही ज़्यादा दुख देते है।परिवार के साथ अच्छे से रहे और समाज के लोगों से अच्छा बर्ताव करें इससे मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मोबाइल का उपयोग भी अधिक न करें इससे दैनिक सुकून में बाधा आ सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 32 वर्षीय गुड़िया की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से हुई। ये कहते है कि ज़्यादा रोना या बहुत चुप रहना दोनों ही मानसिक बीमारी के लक्षण हो सकते है। बार बार रोना ,उदास रहना और किसी भी काम में मन नहीं लगना डिप्रेशन के सामान्य लक्षण है।चिंता के कारण भी व्यक्ति को रोना आ सकता है। तनाव और घबराहट की स्थिति में व्यक्ति का मूड बहुत तेज़ी से बदलता है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉ सुजीत कुमार भारती से हुई। डॉ सुजीत कहते है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है तो चिंता मुक्त रहे। लोगों से हँस कर बात करें। अपने काम पर ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान दें।ज़्यादा न घूमे न ही बेकार का बहस करें। आज कल मोबाइल के कारण लोग ज़्यादा चिंतित रहते है। मोबाइल से दूर रहे। चिंता से दूर रहे। ऐसे में स्वस्थ रहेंगे
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 26 वर्षीय शिवम श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सत्यम श्रीवास्तव से हुई।सत्यम कहते है कि स्कूल और परिवार में झगड़ों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे उनमें चिंता ,अवसाद और आत्महत्या के विचार आ सकते है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 35 वर्षीय ज्योति श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रिंकी श्रीवास्तव से हुई।रिंकी कहती है कि मन की बीमारी होती है। इसे मानसिक बीमारी या मानसिक विकार भी कहा जाता है। यह शारीरिक बीमारी की तरह होती है जिसका इलाज संभव है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 25 वर्षीय सौरव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से खुशी से हुई।खुशी कहती है कि जब व्यक्ति मानसिक तनाव अनुभव करता है तो वो समझ नहीं पाता कि उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए या नहीं।चिंता और उदासी हालातों के साथ बदल सकता है। हालाँकि भावनाओं और मानसिक तनाव के लक्षणों का असर दैनिक जीवन में पड़ रहा है तो उन्हें मदद लेनी चाहिए। अकसर लोग मानसिक स्थिति को छुपाने का प्रयास करते है ताकि उनका रिश्ता बना रहे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 31 वर्षीय शिखा श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से ज्योति से हुई।ज्योति कहती है कि जब व्यक्ति को दिन प्रतिदिन के तनाव से निपटने में कठिनाई हो रही है साथ ही दैनिक कार्यों को करने में कठिनाई होने पर व्यक्ति को मनोचिकित्सक से मिलना चाहिए।सामाजिक जीवन में संकट का अनुभव करने पर परामर्शदाता से ज़रूर मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सचिन कुमार चौधरी से हुई। सचिन कहते है कि बच्चे तीन से चार वर्ष की उम्र से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है।इस कारण उनकी पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है।इससे बच्चे मानसिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 55 वर्षीय मधुबाला श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से एक पुरुष से बात कर रही है। ये कहते है कि मानसिक बीमारी मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करती है। यह एक व्यक्ति के अंदर होता है, यह दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलती है।उदासी ,मनोदशा में उतार चढ़ाव , चिंता ,डर ,सोने में कठिनाई ,भावनात्मक बदलाव ,ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आदि मानसिक बीमारी के सामान्य लक्षण है।अगर किसी परिचित में मानसिक बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे है तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कई बार गुस्सा आना मानसिक स्वास्थ्य का लक्षण हो सकता है। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है तो उसे गुस्सा आना आम बात है। कुछ शारीरिक बीमारी भी गुस्सा को बढ़ा सकती है। जीवन में समस्याओं या चुनौतियों के कारण भी व्यक्ति को गुस्सा आ सकता है
