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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि गर्मी से बदलाव और राहत आज दिन भर मौसम सुहावना रहा और किसान भी खुश नजर आए। आज, कुछ लोगों ने प्रत्यारोपण भी किया और इसे लगभग पूरा कर लिया, इसलिए मौसम सुखद रहा और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि कई शहरों में यह देखा गया है कि संस्थानों द्वारा कहीं न कहीं महिला को ई - रिक्शा ड्राइवर के रूप में सराहनीय काम किया जा रहा है, जो उन्हें सशक्त बना रहा है। वे मजबूत होंगे,वे दो रुपये कमाएँगे और आगे बढ़ेंगे, इसलिए इस तरह से योजनाएं चलायी जा रही है जिससे महिला मजबूत होंगी ।अब देखा जा रहा है कि महिलाएं भी खेती का काम कर रही हैं, महिलाएं घर का काम कर रही हैं, साप्ताहिक और मासिक, सभी काम सुचारू रूप से कर रही हैं और घर चला रही है और आगे बढ़ रही है।
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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि अगर महिलाएं अपने दिमाग से यह निकाल दें कि वह पुरुषों से कम है तो पुरुषों से आगे निकल सकती है। संविधान में महिला और पुरुष को समानता का अधिकार दिया गया है। यह देखा भी जा रहा है कि महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही है। बच्चों को पढ़ा - लिखा रही है , पालन - पोषण कर रही है और अच्छी कमाई भी कर रही है। महिलायें पुरुषों से कम नहीं है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि लगातार बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल बर्बाद हो रही है। रोपाई के बाद फसलें मुरझाती दिखाई दे रही हैं। जगह-जगह पम्पी शेड चलाए जा रहे हैं। सिंचाई मशीन द्वारा की जा रही है। बारिश नहीं होने के कारण यह देखा गया है कि फसल सूख रहे है, सूखे का असर पूरी हो रही है, अब भी बारिश हुई तो धान बच सकता है। यहाँ लगभग पंद्रह से बीस दिन हो गए हैं और बारिश नहीं हुई है, तापमान भी बढ़ गया है
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उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से अरविन्द श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बस्ती जिले में सरयू नदी की धारा तट से काफी दूर बहती थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों से नदी की धारा ने ऐसा कहर ढाया है कि ग्रामीणों की ज़िन्दगी खानाबदोश जैसी हो गयी है। हर साल चार महीने ग्रामीणों को अपना घर छोड़ कर चले जाना पड़ता है। इसके लिए सरकार के द्वारा भी कोई स्थायी उपाय नहीं किया जा रहा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से अरविन्द श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए एक कार्यक्रम भी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से चलाया जा रहा है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन अगर आप देखें तो आज भी कहीं न कहीं लोग वहीं खड़े हैं जहां हम खड़े थे कई कारण हैं कि महिलाओं का आर्थिक विकास उतना सफल नहीं रहा है जितना होना चाहिए था। जैसे कि अपने परिवार के साथ उनकी स्वतंत्रता की कमी और बाहर काम करने में असमर्थता। गुमराह करने वाली और रूढ़िवादी परंपरा के कारण महिलाएं अभी भी पीछे हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि महिलाएं कुछ नहीं कर रही हैं। आज ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपनी वित्तीय स्थिति को काफी मजबूत किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षित बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
