उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से अरविन्द श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राकेश से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हमारा देश पुरुष प्रधान है, पुरुषों को बहुत काम करने की अनुमति है, लेकिन महिलाओं की बहुत सारी पाबंदियां हैं। पुरुष के साथ कोई समस्या नहीं है लेकिन अगर महिलाएं वही काम करती हैं तो उन्हें समाज में बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से असलम से हुई। असलम यह बताना चाहते है कि महिलाओं को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें जो भी अधिकार हैं, वे सरकार द्वारा दिए जाने चाहिए ।महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार होने चाहिए कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। महिला और पुरुष दोनों एक समान है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बाबू धीरेन्द्र से बात कर रहे है। ये बताते है कि इनके गाँव की ओर जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति बहुत ख़राब है। ग्राम के प्रधान इस पर ध्यान नहीं दे रहे है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अमित चौधरी से हुई। अमित बताते है कि वो नरेगा का काम से संतुष्ट है। कच्ची सड़क को बनाया गया

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से विशाल पांडेय , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सतना पांडेय से हुई। सतना पांडेय बताना चाहती है कि गर्मी बहुत बढ़ गई है। हमलोगों को पेंड़ लगाना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से विशाल पांडेय , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सब्बो से हुई। सब्बो यह बताना चाहती है कि महिलाओं को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से अरविन्द श्रीवास्तव , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विशाल से हुई , विशाल बताना चाहते है कि महिलाओं के उनके नाम से नहीं पुकारा जाता है। महिलाओं को उनके नाम से पुकारा जाना चाहिए। महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना चाहिए। सरकार को इस सम्बन्ध में ध्यान देना चाहिए की महिलाओं को उनका अधिकार मिले।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से देवराज से हुई। देवराज बताते है कि वह मनरेगा के तहत बहुत दिनों से काम कर रहे है। उनको एक दिन का वेतन 237 रुपया दिया जाता है, और वह चाहते है कि कम से कम 400 रुपया वेतन दिया जाए। समय से पैसा नहीं मिलता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला बस्ती से मुस्ताक मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि समस्या यह है कि हमारे परसालाल साही गाँव के बाडेपुर से होकर जाने वाली सड़क, उत्तर की ओर जूली स्कूल, लगभग तीन से चार सौ मीटर दूर है, लेकिन वह खड़ी सड़क इतनी टूटी हुई है। बरसात के मौसम में कहीं दो फुट गहरे गड्ढे पानी से भर जाते हैं, कहीं एक फुट गहरे गड्ढे पानी से भर जाते हैं, बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है, बच्चे साइकिल से गिर जाते हैं। ऐसे में सरकार की खबर पहुंचनी चाहिए ताकि कम से कम जितना संभव हो सके सड़क की मरम्मत की जा सके। यदि आप पीछा करने में सक्षम नहीं हैं या हर पीछा दो से बेहतर है, तो इसे सुधारना बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए मैं अनुशंसा करता हूं कि सरकार को खबर भेजनी चाहिए और सरकार को यह काम करना चाहिए ताकि बच्चों का आना-जाना सुविधाजनक हो।

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