ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली पंचायत अंतर्गत महावीर बंबू उद्योग प्राइवेट लिमिटेड का विधिवत रूप से उद्घाटन किया गया। यह उद्योग बांस से अगरबत्ती स्टीक, चम्मच, आइसक्रीम स्पून आदि चीजों का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग के शुरुआत होने से प्रखंड क्षेत्र में उद्योगों की एक संख्या और बढ़ गई है। साथ ही साथ इस उद्योग के लगने से स्थानीय 400 से 500 बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और सीमांचल में उपजाए जाने वाले बांस की खेती को अब नया आयाम मिलने की भी संभावना जगी है।

किशनगंज जिले में बारिश के कारण जहां फॉल्ट रहने से कई घंटे तक बिजली कट की समस्या शहरवासियों को हो रही है। वहीं कई इलाकों में ओवरलोडिंग के कारण लो वोल्टेज से भी उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को ट्रांसफॉर्मर का लोड बढ़ाने की बात कही जाती है, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।

किशनगंज शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छर के डंक से लोग परेशान रहते हैं। शहर के हरेक मुहल्लों में मच्छरों के प्रकोप से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में मच्छर का प्रकोप काफी बढ़ गया है। कोई क्वायल या लिक्विड काम नहीं कर रहा है। लोगों ने एक बार फॉगिंग मशीन से छिड़काव करवाने की मांग की है। ताकि मच्छरों के डंक से राहत मिल सके।

बिहार राज्य के किशनगंज जिले में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव हो रहा है। कभी तेज धूप से गर्मी तो कभी बारिश की वजह से वातावरण में नमी बनी रहती है। मौसम में हो रहे इस परिवर्तन के चलते लोग खासकर छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। मौसम परिवर्तन के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार अधिक देखा जा रहा है। ऐसे समय में बच्चे को ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स आदि से दूर रखें।अगर घर का कोई सदस्य सर्दी-खांसी या बुखार से पीड़ित है तो दूसरे बच्चे भी संक्रमित हो सकते हैं।

बिहार राज्य के किशनगंज जिले में लगातार बारिश से किसानों के चेहरे मुस्कान लौट आयाी है। कुछ दिनों से क्षेत्र में अच्छी खासी बारिश हुई है। इस बार भी क्षेत्र के किसानों ने धान के फसल की अच्छी बुआई की है। बारिश अच्छी होने से किसानों को धान के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।

बिहार राज्य के अररिया -बहादुरगंज पथ पर प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने से बंगाल सहित पूर्वोत्तर के राज्यों तक भारी वाहनों का परिचालन पूर्णिया -किशनगंज होकर दूरगामी हो गया है। जानकारी के अनुसार बताते चलें कि जोकीहाट के निकट हड़वा पुल का पिलर दबने के कारण अररिया -बहादुरगंज पथ पर भारी वाहनों का परिचालन बंद रहा तो वर्तमान में भांगिया डायवर्सन पर पानी चढ़ने के कारण उक्त पथ पर प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया गया है।

बिहार राज्य के किशनगंज जिले में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। जरा सी चूक से लोगों के खाते से रुपये गायब हो जाते हैं। जब तक लोग कुछ समझ पाते हैं तब तक देर हो जाती है। पुलिस कर्मी से लेकर व्यापारी, शिक्षक सभी साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। तीन माह पहले किशनगंज जिले में साइबर थाना खोला गया था। अब तक साइबर थाना में साइबर फ्रॉड के 27 मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें तीन मामलों में रुपये की रिकवरी भी की गई है।

बिहार राज्य के किशनगंज रैक प्वाइंट पर बरसात के दिनों में सामान उतारना व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गया है। खुले आसमान तले रैक लगने के कारण लोडिंग अनलोडिंग का कार्य भी खुले में ही होता है। इस कारण बारिश से भींगे जमीन पर सामान रखने में भींग जाता है। जिससे व्यवसायियों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। किशनगंज रैक प्वाइंट पर आज भी सुविधाओं का घोर अभाव है। भले ही रेल प्रशासन रैक प्वाइंट पर बने प्लेटफार्म को जलजमाव से बचाने के लिए स्लीपर बिछा ऊंचा कर दिया है। लेकिन अभी भी रैक प्वाइंट परिसर का हाल खास्ता है। परिसर की सड़कें समतल नहीं है। उबड़-खाबड़ व गड्ढा रहने के कारण बारिश में जलजमाव हो जाता है। जिससे प्लेटफार्म तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

बिहार राज्य के बिशनपुर पंचायत के वार्ड संख्या 01 के केबरत टोला सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों हुई लगातार बारिश व मरिया नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से मुख्य सड़क से गांव की ओर जानेवाली पीसीसी सड़क का एक बड़ा हिस्सा कट गया है,जिससे मोटरसाइकिल व अन्य वाहनों को आवगमन बाधित हो गया है।

किशनगंज जिले में लगातार बारिश ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है।सुबह करीब 10 बजे से 12 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश से कई मुहल्ले जलमग्न हो गए।किशनगंज शहर के खगड़ा, रुईधासा, मोतीबाग, धरमगंज सहित कई मुहल्लों के निचले इलाकों के घरों में बरसात का पानी घुस गया। किशनगंज शहर के बीच से गुजर रही रमजान नदी का भी जलस्तर बढ़ गया। हालांकि मानसून की सक्रियता के बाद पांच दिनों से जमकर बारिश हो रही है। जिससे मौसम तो सुहावना हो गया है। लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की सूरत बिगड़ गयी है। शहर के रमजान नदी से सटे निचले इलाकों में बसे मुहल्ले पूरी तरह जलमग्न हो गए। शहर के कई निचले इलाके के वार्ड हैं जहां आज भी कच्ची सड़क है। वहां जलजमाव के कारण लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया।