दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही हैं अक्षरधाम मंदिर से लेकर सहारनपुर एक्सप्रेस से बन रहा है एक्सप्रेस बनाने में सरयो का इस्तेमाल किया जाता है सरिया को मोड़ के बेड करके पिलरों के अंदर लगाया जाता है आप फोटो में देख सकते हैं कि दो मजदूर सरयो को मोड रहे हैं सर पर हेलमेट हाथ में गिलपस पैर में शूज नहीं दिए जा रहे हैं सरये इतने मोटे-मोटे हैं कि हाथ से तो मूडते नहीं है मगर फिर भी मजदूरों को गिलास नहीं दिए जा रहे हैं कंपनी मजदूरों का शोषण कर रही है श्रमिक बताते हैं कि हमने कई बार कंपनी के सुपरवाइजर वे ठेकेदार से मांग की कि हमें कीट दी जाए मगर किट के नाम पर हमें भगा दिया जाता है नौकरी से निकाल दिया जाता है