दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से शौरभ से हुई। शौरभ बताते है कि वो एक्सपोर्ट कंपनी में काम करते थे। वहाँ प्रॉडक्शन अधिक माँगा जा रहा था जबकि वेतन कम थी। मज़दूरों ने मिल कर वेतन बढ़ाने को लेकर कम्पनी में धरना दिया था।कंपनी वालों ने कहा कि जितना वेतन मिल रहा है ,उतना में ही काम करो। वरना कंपनी छोड़ दो। फिर कंपनी ने भी ठेकेदार के माध्यम से श्रमिकों की भर्ती करने लगा। यूनियन लीडर ने भी कुछ नहीं कहा ,इस कारण 50 मज़दूर सड़क पर आ गए