दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि वो एक भवन निर्माण श्रमिक है। साथ ही कह रहे है कि उन्हें दिहाड़ी के हिसाब से वेतन मिलता है। बताते है कि उन्हें जितना दिहाड़ी मिलता है उतने में उनका खर्चा नहीं चल पता है काम के दौरान उन्हें ठेकेदार द्वारा कोई सेफ्टी भी नहीं दी जाती हैं