दिल्ली एनसीआर से पंकज साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि वो काम की तलाश में रोज लेबर चौक में बैठे रहते है कभी कभी सुबह से शाम हो जाता है पर उन्हें काम नहीं मिलता है। साथ ही कह रहे है कि दिल्ली में जबसे प्रदूषण बढ़ा है तबसे उन्हें काम मिलना और भी ज़्यादा मुश्किल हो गया है। बताते हैकी गांव में उन्हें रोजगार नहीं मिलता था जिस कारण वो दिल्ली में काम की तलाश में आये थे यहाँ पर एक दिन का दिहाड़ी उन्हें 500 रूपए मिल जाता है। बता रहा है कि कई बार काम में पईसे फास जाने के बाअद उन पैसों को दुबारा माँगा जाता है तो उनके साथ मार पिट किया जाता है