दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वो एक निर्माण श्रमिक है तथा रोज काम की तलाश में लेबर चौक आते है। बता रहे है कि उन्हें कभी काम मिलता है तो कभी नहीं भी मिलता है और निराश होकर वापस अपने घर लौट जाना पड़ता है।अगर काम मिलता है तो रोजाना दिहाड़ी के हिसाब से उन्हें 400 रूपए दिया जाता है