दिल्ली से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी है ,वे साझा मंच के माध्यम कि केंद्र व हरियाणा श्रम मसौदा 2021 जो लागु बहुत ही बुरा असर मजदूरों पर पड़ेगा। देखा जाए तो पुरे भारत में श्रमिक कैटगिरी लगभग 85 प्रतिशत ही है। यदि यह कानून पूरी तरह से लागु कर दी जाएगी तो मजदुर काफी हद तक बेरोजगार हो जाएंगे। उन्हें अपने परिवार का भरण पोषण करने में कई तरह की समस्यों का सामना करना पड़ेगा। इस कानून को यूनियन पूरी कोशिश कर लागु नहीं करने का विचार बना रहे हैं चाहे इसके लिए उन्हें रैली ही क्यों ना निकालनी पड़े