मजदूर से हुई बातचीत लॉक डाउन के बाद से काम है बंद हफ्ते में 2 दिन हो रहा है गांव वह भी 1 महीने में मिलता है पैसे भाड़े का कमरा है प्रवासी मजदूर हैं मनोज कुमार बताते हैं कि लॉग डॉन के बाद से इतनी स्थिति खराब है खाने के भी लाले हैं घर में तो राशन नहीं बचा है अब सोच रहे हैं गांव चले जाएं वहीं पर ही खेती-बाड़ी करेंगे यह मजदूरी करेंगे यहां पर सरकार की तरफ से ना तो राशन बनता है ना ही कोई सरकारी सुविधाएं मिल रही है मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से
