दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि लॉक उनकी स्तिथि बहुत नाज़ुक हो गई थी। है कि लॉक डाउन खुलने के बाद जब वो गांव से वापस सहर आये तो काम की तलाश में दर दर भटकना पड़ता था तरफ से भी उनको कोई सहायता नहीं मिला था