दिल्ली, एनसीआर से अशमत अली साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से वसीम से बात कर रहे हैं। वसीम बता रहे हैं कि वो एक कंपनी में पीस रेट पर काम करते है। लॉक डाउन के बाद अब उनकी तनख्वाह कम कर दी गई है, जिससे उन्हें बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले सिंपल पीस का दस रूपये मिलता था और अब उसी का आठ रूपया मिलता है। लॉक डाउन के बाद पैसे की परेशानी का फ़ायदा फ़ैक्ट्री और ठेकेदार उठा रहे हैं। पैसा साप्ताहिक रूप से मिलना चाहिए। गांधी नगर के पास पैसे लूटने वाले भी खड़े रहते हैं, मगर कोई कारवाई नहीं होती।