उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 24 वर्षीय सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें व्यापार करना है। व्यापार के लिए बैंक से लोन किस प्रकार मिलेगा ?सरकार से क्या अनुदान मिलेगा ?

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 24 वर्षीय सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें छत्त पर सोलर पैनल लगवाना चाहती है

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 24 वर्षीय सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से गीता सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन्होने 'राजीव की डायरी' कार्यक्रम में जेंडर और जमीन की बात सुनी।यह कार्यक्रम सुनने के बाद इनको लगा कि जब महिलाओं को जमीन में अधिकार दिया जाएगा तभी पुरुषों से बराबरी कर पाएंगी।जमीन और सम्पत्ति के हक़ से महिलाओं को वंचित रखा गया है। अगर महिलाओं के पास जमीन होगा तो उनको गाँव,घर,समाज और राज्य में सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा तथा उनको सम्मान मिलेगा।

श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहते हैं कि सेक्स कैसे किया जाता है ?

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। कई पुरुष महिलाओं को अधिकार नहीं देना चाहते हैं। कई महिलायें भी अधिकार नहीं लेना चाहती हैं क्योंकि वह जागरूक ही नहीं हैं। इसलिए महिलाओं को जागरूक होना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से महावीर राजभर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लोगों का ई श्रम कार्ड नहीं बन पा रहा है। वह चाहते हैं की जल्द से जल्द ई श्रम कार्ड बनाया जाए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और अपने स्वास्थ्य व अधिकारों के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यह पहल महिलाओं को केवल घर तक सीमित न रखकर उन्हें विकास के मुख्य धारा में लाने के लिए संदेश देना चाहिए।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से मदनलाल मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अपने अधिकारों कानूनों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना ताकि वे समाज में बराबरी का हक़ पा सके

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