झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के लिए सहकारी समितियाँ महिलाओं द्वारा संचालित सहकारी समितियां आत्मविश्वास बढ़ाने और ऐसा वातावरण बनाने में सहायक हो सकती है जहां महिलाएं अपने विचार और अनुभव साझा करने में सहज महसूस करें। यह सहकारी समितियां महिलाओं को अपनी संपत्ति एकत्रित करने,बाज़ारों तक पहुँच बनाने और अपने उपज को बेहतर कीमतों पर बेचने की सुविधा प्रदान करती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के सहयोग के विकास में एक प्रमुख बाधा आधुनिक ग्रामीण प्रथाओं में मार्गदर्शन और योजना के प्रति सहमति का अभाव है। समान क्षेत्रों में रहने वाली विभिन्न महिलाएं मानक स्थापित करने वाली प्रथाओं पर निर्भर रहती है जो व्यवहारता और प्रगति को सीमित कर सकती है। कृषि विकास संगठन जो किसानों को योजना और संयोजन प्रदान करते हैं वह अक्सर महिलाओं की उपेक्षा करते हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि कई देशों की आर्थिक और सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका भूमिका है और कई क्षेत्रों में महिलाओं इस क्षेत्र की रीढ़ है। खाद एवं कृषि संगठन के अनुसार वैश्विक स्तर पर कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग पैंतालीस परसेंट है फिर भी उनके योगदान पर नजरअंदाज कर दिया जाता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए महिलाओं के पास धन होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऋण के लिए सहमति का अभाव एक प्रमुख बाधा है जो महिलाओं को अधिक टिकाऊ विकास दर्शन में निवेश करने ,बीज और स्पिष्ट उत्पादों जैसे इनपुट खरीदने और अपनी हरित पहलों का विस्तार करने से रोकती है। आमतौर पर ऋण संबंधित संस्थाएं महिलाओं को उच्च जोखिम वाली उदारकर्ता मानती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भूमि परिवर्तन संगठन ,भूमि सम्बंधी ऐसे बदलाव लागू कर सकते हैं जिनसे महिलाओं को भी भूमि तक समान पहुँच प्राप्त हो सके चाहे वह पारमपरिक नियमों के माध्यम से हो या भूमि विकास योजनाओ के माध्यम से हो। यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को भूमि का स्वामित्व और अधिग्रहण करने का वैध अधिकार प्राप्त हो ,उन्हें अधिक वित्य अवसर और सुरक्षा प्रदान करेगा
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विकास में महिलाओं के सामने आने वाली प्रमुख बधाओं में से एक भूमि के स्वामित्व और नियंत्र का अधिकार न होना है अपने मूलभूत दायित्व के बावजूद महिलाएं शायद ही कभी अपनी बनाए हुई जमीन की मालिक या नियंत्रक बन पाती हैं। रिपोर्टो के अनुसार भारत में समान्य भूमिधारकों में से तेरह प्रतिशत से भी भी कम महिलाएं हैं। स्वामित्व की यह कमी उनके निर्णय लेने, सरकारी भूखणंडों तक पहुच प्राप्त करने और राष्ट्रीय प्रथाओं में सुधार के लिए संसाधनों का आवंटन करने की क्षमता को सिमित करती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 20 वर्षीय अंजलि कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं ने अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए कई तरह के प्रयास किये हैं। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह ,महिलाए संगठन और समितियां बनाकर अपने अधिकारों के लिए समुदाय रूप से आवाज़ उठाई।महिलाओं ने राजनीत में भाग लेकर नीतियों को प्रभाारित किया और महिलाओं के अधिकार के लिए कानून बनाए जाने में योगदान दिया
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिला अधिकार अधिनियम 1961 महिलाओं को आर्थिक और समाजिक सुरक्षा प्रदान करने हुतु लागू किया गया था। इसमें महिलाओं को 36 सप्ताह का वेतन सहित अवकाश,चिकित्षा चिकित्सा बोनस और नौकरी की सुरक्षा प्रदान करता है। इसका उपयोह कारखानों ,दुकानों में होता है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के हुजूरपुर ब्लॉक से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से बृजेश सिंह से हुई। बृजेश सिंह यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए
बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह संपत्ति महिलाओं के लिए तब सुरक्षित बनती है जब उन्हें कानूनी अधिकार मिलते हैं। वह कुछ संपत्ति अर्जित करती हैं। जैसे -घर खरीदना और बचत करना आदि
