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मुंगेर आदर्श ग्राम टीकाराम पुर से बंटी कुमार का कहना है काम करने से ही बच्चो का भरण पोषण व शिक्षा के खर्च की पुर्ति कर सकते हैं
मुंगेर से जुड़ा मोहली पंचायत के आदर्श ग्राम टीकाराम पुर के कृषि मजदूर बैकुंथसिंग बताते हैं की उनके4 लड़के और बहुएं हैं सभी जमीदारो की जमीन बटाई से लेकर कृषि कार्य करते हैं जिससे खर्च पूरा नहीं होता बाहर निकल जाते है मनरेगा का काम करते या सरकार खेती से मनरेगा योजना को जोडक़र भुगतान किया जाता तो हमें अपने खर्च में सहूलियत होता
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि 70दशक बाद भी सरकारी विधालय में बच्चे खुली आकाश के नीचे पढ़ाई करने को विवश। मुंगेर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय किला परिसार को दो माह पूर्व ही प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर कन्या मध्य विद्यालय बेलनबाजार में स्थान्तरित कर दिया गया था।पर कमरे के आभाव में उस विद्यालय के बच्चे बरामदे और खुले आकाश के नीचे पढ़ाई करने को विवश। बरामदे में ना तो पर्याप्त शेड ही बना हुआ है और ना ही गर्मी से बचने के लिए पंखे इत्यादि की व्यवस्था है। इस कारण बच्चो की पढाई प्रभावित हो रही है। एक ही विद्यालय में तीन स्कुल के बच्चो की पढाई चल रही है।इस स्थानांतरण से स्कुल के प्रधानाअध्यापको की भी परेशानी बढ़ गयी है उनका कहना है क़ी कमरे का आभाव है जिस वजह से वो बच्चो को कमरे में नहीं बैठा पा रहे है।
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बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार जी कहते है कि पानी के मामले में गाॅवों की स्थित और भी ख़राब है। पानी को तो बचाया जा सकता है पर बनाया नहीं जा सकता है हमारे दादा जी ने नदी में पानी देखे,पिता जी ने कुए में पानी देखे,हमने नल में पानी देखा, हमारे बच्चों ने बोतल में अब उनके बच्चे कहाॅ देखेगें इस पर विचार होना चाहिए।गर्मी ने दस्तक दे दी है।इसके साथ ही पानी की किल्लत भी शुरू हो चुकी है।प्रशासन ने इसके निदान के लिए कोई भी व्यवस्था अब तक नहीं की है। पेयजल से निपटने के लिए ना तो नए चापाकल लगाये गये है और ना ही ख़राब पड़े हुए की मरम्मत करायी जा रही है। नगर निगम द्वारा वार्डो में जो समर सेवाल लगाए गए है जिनसे लगभग 120 या इससे भी ज्यादा घरो को पानी मिलता था वह भी ख़राब हो चूका है जिस वजह से इन वार्डो के लोगो को लगभग 20 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। नगर निगम का समर सेवुल बनवाने की ओर कोई ध्यान नहीं है
