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बिहार राज्य के मुंगेर जिले से रंजन कुमार जी मोबाईल वाणी के माध्यम से जानकारी देते हुये बताया की रोटा वायरस को नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किए जाने के लिए शनिवार को सदर अस्पताल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुभाष चंद्र पासवान की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला के दौरान रोटा वायरस वैक्सीन के कुशल कार्यान्वयन पर दिशा निर्देश दिए गए.इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चन्द्र पासवान ने बताया कि आगामी 3 जुलाई से रोटा वायरस वैक्सीन को नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किया जाएगा. इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया है एवं इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है. उन्होंने बताया कि बच्चों में डायरिया के संक्रमण के लिए रोटा वायरस काफी ज़िम्मेदार होता है. रोटा वायरस संक्रमण की शुरुआत हल्के दस्त से होती है जो आगे जाकर गंभीर रूप ले सकता है. पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण शरीर में पानी व नमक की कमी हो सकती है तथा कुछ मामलों में बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है. रोटा वायरस संक्रमण में गंभीर दस्त के साथ-साथ बुखार और उल्टियाँ भी होती हैं और कभी- कभी पेट में दर्द भी होता है. इस टीके के नियमित प्रतिरक्षण में शामिल होने से अब बच्चों को गंभीर दस्त से छुटकारा मिलने की राह आसान हो जाएगी. उन्होंने बताया कि 6 माह से 2 साल तक के बच्चों में दस्त होने का ख़तरा सर्वाधिक होता है. रोटा वायरस का संक्रमण मल में मौजूद होता है. यह वायरस शिशु के खिलौनों, बिस्तर एवं कपड़ों से भी फैलने की आशंका होती है. शिशुओं को यह वैक्सीन तीन चरणों में दिया जाएगा. पहला टीका जन्म के 6 सप्ताह पर, दूसरा टीका 10 सप्ताह पर एवं आखिरी टीका 14 सप्ताह पर दिया जाएगा. क्षेत्रीय समन्वयक यूनिसेफ मुकेश कुमार ने बताया कि इस टीके की शुरुआत होने से पहले प्रखंड स्तर पर भी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इसके विषय में विस्तार से जानकारी भी दिया. दूरस्थ क्षेत्रों में इस टीके के कुशल कार्यान्वयन को लेकर माइक्रोप्लान बनाए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि पूर्व में माइक्रोप्लान बनाने से कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों को भी कवर किया जा सकेगा. साथ ही प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग के लिए अलग से वेबसाइट भी बनाया गया है जिस पर मॉनिटरिंग प्रतिवेदन अपलोड किये जायेंगे. इस दौरान जिला सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी , समस्त प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी. प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रेरक एवं सीडीपीओ ,डीपीओ यूएनडीपी के यूनिसेफ के एसएमसी डब्ल्यूएचओ के एसएमओ एवं केयर इंडिया के आलोक पटनायक सीएफएआर के रीजनल कोऑर्डिनेटर योगेश्वर कुमार राजा,अमन कुमार तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.

बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी देते हुये बताया कि मुंगेर प्रखंड क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 शेरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 13 के सामने मुंगेर नगर निगम के द्वारा जो समर सेवल लगाया गया था, वह पिछले 14 से 15 माह से खराब पड़ा हुआ था. उसकी रिपोर्ट मोबाइल वाणी पर लगातार चलाया गया एवं उस खबर को मुंगेर नगर निगम के अधिकारी एवं वार्ड 8 को सजग भी किया गया। उसी खबर को संज्ञान में लेते हुए यह कार्य को पूरा किया गया इससे आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के साथ साथ ग्रामीणों को भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों ने भी कई बार वार्ड आयुक्त के द्वारा आवेदन दिया और मोबाइल वाणी पर खबर को रिकॉर्ड कराया और सजग भी किया तब जाकर यह कार्य पूरा किया गया। जब मोबाइल वाणी के संवाददाता विपिन कुमार ने ग्रामीणों से बात की तो ग्रामीण शिक्षित डॉक्टर सुबोध मेहता वार्ड आयुक्त विजय यादव एवं अविनाश कुमार ने बताया कि मोबाइल वाणी पर चलायी गयी खबर से यह कार्य को पूरा किया गया और हम लोग जो आवेदन दिए इससे भी यह कार्य को पूरा किया गया। अब हम ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा हम ग्रामीण जो दो-तीन किलोमीटर तक पेयजल के लिए इधर-उधर भटकते रहते थे अब वह कार्य नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि अब हम लोग के समीप जो आंगनबाड़ी केंद्र संख्या तेरह के सामने समर सेवल लगा है, वह हम लोगों के लिए आसान हो गया यह चीज को देखते हुए ग्रामीणों ने कहा कि मोबाइल वाणी के द्वारा जो खबर को चलाया गया इससे यह कार्य पूरा हुआ इससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है.

मुंगेर सदर अस्पताल में रेफर अस्पताल में तब्दील हो चुका है छोटी-मोटी एक्सीडेंट घटनाओं में भी काल मरीजों को प्राथमिक उपचार किए जाने के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना या भागलपुर रेफर कर दिया जाता है जिले वासियों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है खासकर गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को घंटों इंतजार कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है यहां बताते चले कि सदर अस्पताल में प्रसव की बेहतर व्यवस्था नहीं है सदर अस्पताल में बेहतर व्यवस्था नहीं रहने का नवजात बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है

बिहार के जिला मुंगेर से रंजन जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि पूर्णिया में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ अधिकतम लाभार्थियों को दिलाने एवं इसमें गति लाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 27 मई से 2 जून तक विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान के अंतर्गत 0 से 2 वर्ष के आयु वर्ग की कन्या शिशु को लाभ दिलाने के लिए आयोजित कैंप में संबंधित आवेदन एवं जरुरी दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस शोभा सिन्हा ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए आंगनवाड़ी केन्द्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए गए हैं. इस विशेष कैंप के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभुकों को पीएमएमवीवाई एवं कन्या उत्थान योजना का लाभ दिलाने के लिए सीडीपीओ एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं को निर्देशित किया गया है. इसके लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी क्षेत्र में प्रथम बार माँ बनने वाली महिलाओं एवं 0 से 2 वर्ष की कन्या शिशुओं की सूची उपलब्ध करायी जा रही है. साथ ही योजना का लाभ दिलाने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाएं चिन्हित लाभुकों के आवेदनों को भर कर जरुरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, बैंक खाता पासबुक एवं एमसीपी कार्ड ( मदर एवं चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड) की छाया प्रति को भी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस विशेष कैंप के माध्यम से आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा दोनों योजनाओं के बारे में आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मुंगेर प्रखंड क्षेत्र में आज जिस प्रकार के शिक्षा छात्रों को दी जा रही है ,उससे बिहार एवं राष्ट्रीयता की भावना नहीं पनप रही है। शिक्षा प्राप्त करने का उद्देश्य अब केवल पैसा कमाना मात्र रह गया है क्योंकि बिहार की जो वास्तविक सभ्यता एवं संस्कृति है आज के दौर की शिक्षा से उसका कोई सरोकार नहीं रह गया है। शिक्षा प्रत्येक प्रकार के अपेक्षित परिवर्तन तथा सुधार की दूरी होती है। आज शिक्षा उस स्थिति में पहुंच गई है कि उसने परिवर्तन की अपेक्षा हर तरफ से की जा रही है .स्टूडेंट्स को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें संस्कारी बनाना शिक्षा का प्रथम अध्याय होनी चाहिए थी लेकिन अब ऐसा कहीं नहीं दिखाई दे रही है और इसके दुष्परिणाम कई रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं आज हमारे बिहार के नागरिकों नौजवानों पर पश्चिमी सभ्यता का भूत सवार होता जा रहा है वह अपनी संस्कृति एवं सभ्यता को भूलते जा रहे हैं।

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की शहर के लोगो को जाम से आखिर कब -तक निजात मिलेगी ।जाम की वजह से अक्सर शहर के लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोग जाम से जूझते नजर आते है ।जाम के कारण लोगो को एक जगह से दूसरी जगह जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खास कर बच्चो को स्कूल जाने तथा लोगों को अपने दैनिक कार्य से कहीं आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।

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7 चरणों में सत्र में लोकसभा चुनाव का मैराथन अंतिम मतदान 19 मई के साथ समाप्त हो गया इसी के साथ देश के कुल 542 सांसदों का किस्मत ईवीएम में कैद हो गया पूरे देश में एनडीए गठबंधन ने कुल 352 सीटों पर विजय जीत दर्ज की वहीं बिहार में भी एनडीए गठबंधन ने 40 लोकसभा सीट में 40 लोकसभा सीट पर जीत कर विपक्ष को धराशाई कर दिया ने लोकसभा से एनडीए गठबंधन के घटक दल जदयू से ललन सिंह जीत दर्ज की