बिहार राज्य के जिला मुंगेर के वार्ड संख्या 18 से से अजीत कुमार गुप्ता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि राशन के लिए तरस रहे है। न राशन मिल रहा है और ना ही राशन कार्ड है ,मदद की जाये

बिहार राज्य के रायसर जिले से हरदीप कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि वह मजदूर हैं और उनके पास राशन कार्ड की सुविधा ना होने से खाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पर रहा है

राशन का दिखात हो रही है

लॉकडाउन से प्रभावित एवं राशन कार्ड से वंचित 125 जरुरतमद के बीच शारीरिक दुरी के नियम को पालन करते मंगलवार को एडीजे द्वितीय अनिल कुमार मिश्रा एवं डीएलएसए के सचिव अखिलेश पांडेय , अन्य न्याययिक पदाधिकारियों के द्वारा राशन सामग्री का वितरण मछली तालाब के समीप किया गया । बीते गुरुवार को भी शहर के पांच मोहल्ले में मुंगेर न्याय मंडल के न्याययिक पदाधिकारियों के आपसी सहयोग से एक सौ जरूरतमंद के बीच राशन वितरण किया था । जिसकी शुरुआत जिला जज अवधेश कुमार दुबे ने विजय चौक से की थी । राशन वितरण कार्यक्रम में एडीजे द्वितीय के सहयोग के लिए एसीजेएम नवीन कुमार दुबे , न्यायिक दंडाधिकारी विमलेश कुमार एवं गौतम कुमार तथा पीएलभी निरंजन कुमार उपस्थित थे।वहीं, एडीजे द्वितीय अनिल कुमार मिश्रा ने बताया की आगे भी जरूरतमंदों के मदद के लिए मुंगेर न्याय मंडल तत्पर है ।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

विश्व व्यापी कोरोना महामारी से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. इसके लिए प्रशासन द्वारा हर जरूरी कार्य किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. ये बातें वार्ता में जिला प्रशाशन की तरफ से बताई जा रही थी। वार्ता में डीपीआरओ की तरफ से कहा गया जिले में अलग अलग जगह क्वारंटाइन कैम्प लगाकर लोगों को आइसोलेशन कराया जा रहा है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी हर जगह मुस्तैदी से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है. आशाओं द्वारा घर-घर जा कर लोगों का सर्वे किया जा रहा है. इसमें बाहर से आए लोगों और गम्भीर बीमारियों से ग्रसित संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है. क्वारंटाइन के लिए गावों में लगाए गए हैं 42 कैम्प : कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बाहर निकलने व सामाजिक दूरी बनाए रखने का निर्देश जारी किया गया है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी बहुत से लोग बाहर से अपने घर वापस लौट रहे हैं. ऐसे लोगों को घर जाने से पहले 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. इसके लिए गाँव स्तर पर 42 कैम्प लगाए गए हैं जहां 726 व्यक्तियों को क्वारंटाइन में रखा गया है. इसके अलावा 16 होटलों को भी क्वारंटाइन के लिए अधिसूचित किया गया है. 160 संदिग्ध व्यक्तियों की हुई सैंपल जांच : जिले में बाहर से आए व्यक्तियों की कुल संख्या 6078 है, जिसमे से 5924 व्यक्ति देश के अलग अलग हिस्सों से और 154 व्यक्ति विदेशों से आए हैं. इसमे 5342 व्यक्तियों को जांच के बाद होम क्वारंटाइन में रखा गया है. जिले के 160 संदिग्ध व्यक्तियों की सेम्पल जांच कराई गई है, जिसमें 146 की रिपोर्ट आ गई है. इन सभी 146 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव रही है. अभी जिले के 291 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है जिसमें 271 देश के अलग शहरों से जबकि 20 विदेशों से आए हुए व्यक्ति हैं. जिला में अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं पाए गए हैं. प्रवासी मजदूरों को दी जा रही सहायता राशि : सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को लॉक डाउन के दौरान कठिनाई नहीं हो इसके लिए सहायता राशि दी जा रही है. इसके लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है. जिले में अभी तक कुल 30093 आवेदन भेजे गए हैं, जिसमें से 24463 आवेदन को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. ऐसे लोगों को सहायता राशि ऑनलाइन उनके बैंक एकाउंट में भेजी जा रही है. आशाओं द्वारा किया जा रहा घर-घर सर्वे : सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद न कहा कोरोना से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए आशाओं द्वारा घर-घर जा कर सर्वेक्षण किया जा रहा है. सभी घरों में कोरोना के संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है. अब तक कुल 50231 घरों का सर्वे आशा कर्मियों द्वारा किया जा चुका है, जिसमें से कुल 263216 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है. सर्वे कार्य के लिए आशा कर्मियों को राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा कोविड-19 फॉर्म उपलब्ध कराये गये हैं. इसमें तीन स्तरों पर सूचना उपलब्ध कराने का काम किया जाना है. इसके मद्देनजर स्वास्थ्य कर्मी घरों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं.

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से प्रताप नारायण गुप्ता बता रे है कि लॉकडाऊन में काम छूट गया है घर पर बैठे है राशन की दिक्कत हो गयी है

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार के कारण राज्य में कई जरुरी सेवाएं बाधित हुयी हैं. लेकिन धीरे-धीरे राज्य सरकार द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए इन सेवाओं को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है. इसी कड़ी में राज्य स्वास्थ्य समिति ने अब परिवार नियोजन सेवाओं को पुनः नियमित करने का फैसला लिया है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी असैनिक शल्य चिकित्सक सह सदस्य सचिव को पत्र लिखकर कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन अवधि के दौरान परिवार नियोजन सेवाओं की सुविधा पुनः प्रारंभ करने के संबंध में विस्तार से दिशा-निर्देश दिया है. पत्र में बताया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण काल में कुछ जरुरी स्वास्थ्य सेवाओं को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसमें परिवार नियोजन सेवाओं को भी शामिल किया गया है. अस्थायी गर्भ-निरोधक साधन होंगे उपलब्ध: पत्र के माध्यम से बताया गया है कि पुरुष कंडोम, दैनिक गर्भनिरोधक गोली( माला-एन), साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली(छाया), आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली एव्ब गर्भ जाँच किट( निश्चय) की उपलब्धता आशा एवं एएनएम के पास सुनिश्चित की जाए. साथ ही कंडोम बॉक्स एवं कंट्रासेपटिव डिस्प्ले ट्रे में भी संबंधित गर्भनिरोधकों की मात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराने की बात कही गयी है एवं इसकी नियमित आपूर्ति सामुदायिक कार्यकर्ताओं के पास सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. परिवार नियोजन आपूर्ति श्रृंखला द्वारा होगी साधनों की आपूर्ति: पत्र के माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पुरुष कंडोम, दैनिक गर्भनिरोधक गोली( माला-एन), साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली(छाया), आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली एव्ब गर्भ जाँच किट( निश्चय) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ‘अंतरा’ इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्र के साथ जिला स्तरीय अस्पतालों में सुनिश्चित करने की भी बात बताई गयी है. इन सभी समाग्रियों के भंडारण की अल्पता की स्थिति में तुरंत विभिन्न सत्रों पर ऑनलाइन फैमिली प्लानिंग लोजिस्टिक मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम(एफएलएमआईएस) के माध्यम से इंडेंट सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. परामर्श सेवाओं पर होगा जोर: कोरोना संक्रमण के कारण देश भर में लॉकडाउन लागू किया गया है. जिसके कारण परिवार नियोजन के लिए जरुरी परामर्श सेवा भी बाधित हुआ है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पुनः परामर्श सेवा को नियमित करने पर जोर दिया जा रहा है. पत्र के माध्यम से यह बताया गया है कि परिवार नियोजन सलाहकार द्वारा संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों पर परामर्श की सेवा प्रदान की जाए. परिवार कल्याण परामर्शी द्वारा अंतरा इंजेक्शन के दूसरे डोज के लिए महिलाओं को फ़ोन या अन्य माध्यम के बारे में जानकारी देने के विषय में बताया गया है. टोल फ्री नंबर से लें परिवार नियोजन की जानकारी: गर्भनिरोधक सुई–अंतरा के विषय में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर(1800-120-1236) के प्रचार-प्रसार की बात कही गयी है. साथ ही परिवार नियोजन पर परामर्श के लिए भारत सरकार के टोल फ्री नंबर( 1800116555) एवं बिहार सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर( 104) के प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं अल्प अवधि के अस्थायी साधनों पर जोर: कोरोना संक्रमण के मद्देनजर परिवार नियोजन के अल्प अवधि के अस्थायी साधनों के उपयोग करने के लिए समुदाय को प्रेरित करने की बात कही गयी है. जबकि महिला एवं पुरुष नसबंदी, प्रसव के बाद महिला नसबंदी, गर्भपात के बाद महिला नसबंदी एवं कॉपर टी जैसे परिवार नियोजन साधनों पर कम ध्यान देने की बात कही है.

राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव राज्य परिषद सदस्य प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण दूध व्यवसाय से जुड़े दूध उत्पादक एवं दूध विक्रेता भुखमरी से जूझ रहा है। दियारा सहित आस-पास के गांव से जो दूध मुंगेर शहर आता था, वह पूरी तरह ठप है। दूध का अधिकांश खपत मिठाई दुकान चाय दुकान शादी एवं श्राद्ध में होता था। पर लॉक डाउन के कारण दूध की मांग नहीं के बराबर है। आसपास के दूध विक्रेता जो घर-घर दूध पहुंचाते थे, पुलिस दबिश के कारण वह भी दूध पहुंचाने में असमर्थ है। दूध की खपत नहीं होने एवं मवेशी का चारा महंगा होने के कारण गरीब किसान लाचार एवं असहाय है। वे न तो अपने मवेशी को और ना ही अपने परिवार के सदस्यों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ है। चारा खिलाने में समर्थ नहीं रहने के कारण वह अपने जान से भी ज्यादा प्यारा मवेशी को औने पौने दाम पर बेचना चाहते है पर लेने वाला भी कोई नहीं मिलता। दूध व्यवसाय से जुड़े सभी किसान व्यवसायी एवं मजदूर भुखमरी के कगार पर खड़े है। अतः इन पर सहानुभूति पूर्वक शीघ्र विचार नहीं किया गया तो यह तड़प तड़प कर मरने पर मजबूर होंगे। वहीं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मुखिया श्री नीतीश कुमार से यह मांग है कि दूध से जुड़े सभी लोगों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए दूध से जुड़े सभी प्रकार के व्यवसाय को लॉक डाउन से बाहर रखा जाए यथा उसे उचित मुआवजा एवं मवेशी के लिए चारा की व्यवस्था की जाए।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

हवेली खरगपुर प्रखंड के अग्रहण पंचायत के डीलर दिवाकर सिंह द्वारा राशन वितरण में किया जा रहा है मनमानी सीओ साहब को जब कंप्लेन किया तो वह जांच के लिए आए चाय नाश्ता करने के बाद वह जाने लगे लोगों ने उसका गाड़ी घर लिया उसके बाद लोकल थाना आकर समझा-बुझाकर लोगों को हटाया मामला उच्च पदाधिकारी तक जा चुका है। इस संदेश को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

जमालपुर में इन दिनों कोडना वायरस कोविड-19 के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा हर एक निरोधात्मक कार्यवाही की जा रही है तो वहीं जमालपुर नगर परिषद के लोगों का स्क्रीनिंग की प्रक्रिया हो रही है जानकारी देते हुए जमालपुर चिकित्सा पदाधिकारी बलराम प्रसाद ने बताया कि रविवार से शहर के प्रत्येक होल्डिंग धारक की स्क्रीनिंग की जा रही है दूसरे दिन सोमवार को नगर परिषद जमालपुर के विभिन्न वार्डों में कुल 3376 घर सर्वे किया गया है जबकि इस दौरान कुल 15275 से ऊपर व्यक्तियों का इस स्क्रीनिंग भी कर लिया गया है उन्होंने बताया कि सर्वे कार्ड के पहले दिन रविवार को 2960 घरों का सर्वे कर वहां रहने वाले 13263 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग किया गया था इस प्रकार जमालपुर नगर परिषद में अब तक विभिन्न वार्डों में 6336 घरों का सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है इस प्रकार जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र में 28538 शहर वासियों का स्क्रीनिंग किया जा चुका है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।