राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव राज्य परिषद सदस्य प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण दूध व्यवसाय से जुड़े दूध उत्पादक एवं दूध विक्रेता भुखमरी से जूझ रहा है। दियारा सहित आस-पास के गांव से जो दूध मुंगेर शहर आता था, वह पूरी तरह ठप है। दूध का अधिकांश खपत मिठाई दुकान चाय दुकान शादी एवं श्राद्ध में होता था। पर लॉक डाउन के कारण दूध की मांग नहीं के बराबर है। आसपास के दूध विक्रेता जो घर-घर दूध पहुंचाते थे, पुलिस दबिश के कारण वह भी दूध पहुंचाने में असमर्थ है। दूध की खपत नहीं होने एवं मवेशी का चारा महंगा होने के कारण गरीब किसान लाचार एवं असहाय है। वे न तो अपने मवेशी को और ना ही अपने परिवार के सदस्यों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ है। चारा खिलाने में समर्थ नहीं रहने के कारण वह अपने जान से भी ज्यादा प्यारा मवेशी को औने पौने दाम पर बेचना चाहते है पर लेने वाला भी कोई नहीं मिलता। दूध व्यवसाय से जुड़े सभी किसान व्यवसायी एवं मजदूर भुखमरी के कगार पर खड़े है। अतः इन पर सहानुभूति पूर्वक शीघ्र विचार नहीं किया गया तो यह तड़प तड़प कर मरने पर मजबूर होंगे। वहीं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मुखिया श्री नीतीश कुमार से यह मांग है कि दूध से जुड़े सभी लोगों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए दूध से जुड़े सभी प्रकार के व्यवसाय को लॉक डाउन से बाहर रखा जाए यथा उसे उचित मुआवजा एवं मवेशी के लिए चारा की व्यवस्था की जाए।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।