सरस्वती पूजा को ले प्रतिमा बनाने में जूटे मूर्तिकार मुंगेर क्षेत्र के दल हट्टा कुम्हरटोली में कलाकार सरस्वती पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। कलाकार इस कड़ाके की ठंड में भी मां सरस्वती की प्रतिमा बनाने में दिन रात लगे हुए हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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भारत सरकार के सुरक्षित मातृत्व आश्वसान (सुमन) कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल में उपलब्ध हैं बेहतर सुविधाएं - सदर अस्पताल परिसर में नवजात बच्चों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए कार्यरत है एसएनसीयू मुंगेर, 03 फरवरी| सदर अस्पताल मुंगेर में मिल रही सुविधाओं में लगातार हो रही सुधार से प्रभावित होकर बेहतर इलाज के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रहे बेतहाशा खर्च से बचने के लिए लोग सदर अस्पताल आना ज्यादा मुनासिब समझ रहे हैं। स्थानीय लोग निजी अस्पतालों की तरह ही सदर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और साफ-सफाई से काफी प्रभावित हैं| उनका कहना है सदर अस्पताल में ही यदि हमलोगों को निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं तो अनावश्यक पैसों की बर्बादी करने हमलोग प्राइवेट हॉस्पिटलों में क्यों जाएं। सदर अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किए जा रहे- सदर हॉस्पिटल मुंगेर के हॉस्पिटल मैनेजर तौसिफ हसनैन ने बताया कि सदर अस्पताल हॉस्पिटल में लगातार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य के तहत सदर अस्पताल हॉस्पिटल परिसर में भारत सरकार कि महत्वकांक्षी योजना सुरक्षित मातृत्व आश्वसान ( सुमन) कार्यक्रम के तहत प्रसूति महिलाओं और नवजात बच्चों की कि माताओं और बच्चों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर, प्रसूति पूर्व व प्रसव पश्चात रूम, महिलाओं की के देखभाल के लिए वार्ड का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही जन्म के बाद गंभीर रोग से ग्रस्त नवजात बच्चों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए एसएनसीयू कार्यरत कार्ररत है। इसके साथ ही सदर अस्पताल हॉस्पिटल के अन्य विभाग जैसे संचारी रोग, गैर संचारी रोग, ईएनटी, चर्म रोग में बेहतर सुविधाएं दी ज रही हैं है। उन्होंने बताया कि 1 दिसम्बर 2020 को ही सदर अस्पताल हॉस्पिटल में एड्स रोगियों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए एआरटी सेंटर की कि शुरुआत हुई। इसके अलावा वे सदर अस्पताल हॉस्पिटल परिसर में स्थित ब्लड बैंक में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ब्लड सेपरेटर मशीन लगाई गई है| साथ ही अन्य बीमारियों की जांच के लिए भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मशीन और दक्ष टेक्नीशियन कार्यरत कार्ररत हैं। इन्हीं इन्ही सभी वजहों से सदर अस्पताल हॉस्पिटल में लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं है। अस्पताल में इलाज करने आयी महिलाओं की बात - सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से अपने मायके तोपखाना बाजार मुंगेर आई संजना कुमारी ने बताया कि मैं बंगाल में हमेशा प्राइवेट हॉस्पिटल में ही बच्चों का इलाज करवाती हूँ। लेकिन यहां सदर अस्पताल हॉस्पिटल में अपने बच्चे का इलाज करवाने आई हूँ। मैं अपने भाई सौरभ कुमार के साथ यहां आई हूँ। यहां मेरे बच्चे का सही तरीके से डॉक्टर ने इलाज किया। प्राइवेट हॉस्पिटल इलाज में पैसा ज्यादा लगता है। वही इलाज यदि सदर अस्पताल हॉस्पिटल में मिलता है तो वहां क्यों जाएं ? किला परिसर के पास रहने वाली मुन्नी कुमारी ने बताया कि मेरे बेटे श्रेयांश का जन्म भी सदर अस्पताल हॉस्पिटल में ही हुआ है। यहां अच्छी सुविधाएं मिलने के बाद हमलोगों का विश्वास विश्वाश बढ़ा है। मैं अपने परिवार में किसी तरह की कि परेशानी होने के बाद तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल हॉस्पिटल ही आती हूँ। जहाज घाट मुंगेर कि रहने वाली की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला संझा देवी ने बताया कि अपने परिवार में किसी को कोई परेशानी होने पर मैं हमेशा इलाज के लिए सदर अस्पताल हॉस्पिटल ही आती हूँ। यहां काफी सहूलियत है। कम से कम खर्चे में यहां इलाज हो जाता है। इसी इलाज के लिए बाहर के डॉक्टर ज्यादा पैसे लेते हैं । पचरुखी मुंगेर कि रहने वाली की बिन्दू देवी ने बताया कि 30 जनवरी को बड़ा ऑपरेशन से मेरी बहू संगीता कुमारी ने पोती को जन्म दिया है। मेरे बेटे का नाम राहुल कुमार है। यह मेरे बेटे- बहू का पहला बच्चा है। मेरी पोती अभी एसएनसीयू में शीशा में भर्ती है। उसकी के स्थिति में अब काफी सुधार हो रहा है। घर परिवार में किसी को कोई परेशानी होने पर मैं हमेशा बेहतर इलाज के लिए यहीं आती हूँ। यहाँ कम से कम खर्च में बेहतर इलाज मिल जाता है। बहू की कि डिलीवरी से लेकर एएनसीयू में पोती के कि इलाज और देखभाल के दौरान डॉक्टर, नर्स सहित अन्य मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों का पूरा सहयोग मिला है। आनंदपुर, लक्ष्मीपुर जमुई निवासी उषा देवी ने बताया कि मेरी बेटी नेहा कुमारी (पति भरत कुमार) ने 30 जनवरी को बेटे को जन्म दिया है। बच्चा अभी एस एनसीयू में भर्ती है। उसकी के हालत में अब काफी सुधार हुआ है। बच्चा अब बिल्कुल स्वस्थ्य है। नेहा कुमारी की कि ननद महमदा पाटम निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि नेहा मेरे यहां बीए की कि परीक्षा देने आई थी। इसी दौरान 30 जनवरी को उसने सदर अस्पताल हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया है। बच्चे के जन्म से लेकर अभी तक हमलोग यहाँ हॉस्पिटल कि की व्यवस्था ब्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से काफी सन्तुष्ट हैं। हमलोगों को किसी प्रकार की कि कोई परेशानी नहीं हुई ।
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पटना, 2/फ़रवरी। राज्य में मंगलवार को 677 सत्र स्थलों पर 37139 लोगों को टीके लगाए गए, जिसमें कोविशील्ड के 35725 एवं कोवैक्सीन के 1414 डोज शामिल थे।28 वें दिन टीके का दूसरा डोज: सावधानी के तौर पर मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी एवं हाथों की सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. प्राधानमंत्री ने स्वयं टीकाकरण लॉन्च के दौरान इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि दवाई भी और कड़ाई भी. जिन कोरोना योद्धाओं को कोरोना टीका का पहला डोज लगाया गया है, उन्हें 28 वें दिन दूसरा डोज दिया जाएगा. दूसरे डोज के 14 दिन बाद बाद ही कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसलिए टीके के बाद भी सावधानी बरतनी जरुरी है. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
मुंगेर, 02 फरवरी 2021 : मुंगेर सदर क्षेत्र अंतर्गत बासुदेवपुर बसंत विहार कॉलोनी कि आंगनबाड़ी सेविका रेखा कुमारी ने कोरोना कि वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी बताया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को मैने हाज़ीसुज़ान स्थित जीएनएम स्कूल कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में कोरोना कि वैक्सीन लगवाई थी। इसके बाद पेट में गैस होने की वजह से मुझे चक्कर आने लगा और एक दो उल्टियां भी हुई। इसके बाद मुंगेर सदर कि सीडीपीओ पूनम कुमारी कि तत्परता के बदौलत मुझे तत्काल एम्बुलेंस से सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों के द्वारा तत्काल इलाज करने के बाद मैं बिल्कुल स्वस्थ्य हो गई और रात लगभग साढ़े आठ बजे मैं पूरी तरह स्वस्थ्य होकर अपने घर आ गई। उन्होंने बताया कि आज सुबह से ही मैं खुद को पूरी तरह स्वस्थ्य महसूस करते हुए अपने सभी काम कर रही हूँ। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘लोगों को वैक्सीन को लेकर किसी तरह कि भ्रांतियों का शिकार होने कि आवश्यकता नहीं है। वैक्सीनेशन के बाद थोड़ी बहुत परेशानी जैसे गैस कि वजह से चक्कर आना, एवं उल्टी होना मामूली बात है। ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ । यह कोई वैक्सीन के साइड इफेक्ट कि वजह से नहीं हुआ है। सभी लोग बेफिक्र होकर कोरोना कि वैक्सीन लगवाएं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
आम बजट पर शंकरपुर निवासी किसान राजू प्रसाद यादव ने बताया कि यह बजट किसान विरोधी बजट है ।जिस तरह से डीजल का दाम बढ़ाया गया है। इसका हम लोगों के खेती पर काफी असर रहे पड़ेगा ।इस महंगाई में खेती करना बड़ी मुश्किल होगा। हम किसानों को आत्महत्या करना पड़ सकता है ।वहीं उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना में जो कटौती किया गया है उसे भी हम किसान लोग खुश नहीं हैं। एक तरफ सरकार किसान के उत्थान हेतु बड़े-बड़े घोषणा और दावा करते हैं दूसरी ओर किसान के हित में कोई कार्य नहीं किया गया है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
689 सत्र स्थलों पर 37572 लोगों को लगे टीके • कोविशील्ड के 36823 एवं कोवैक्सीन के 749 डोज • सभी के लिए सुरक्षित और असरदार है टीका पटना, 1/फ़रवरी। राज्य में सोमवार को 689 सत्र स्थलों पर 37572 लोगों को टीके लगाए गए, जिसमें कोविशील्ड के 36823 एवं कोवैक्सीन के 749 डोज शामिल थे। 28 वें दिन टीके का दूसरा डोज: सावधानी के तौर पर मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी एवं हाथों की सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है. प्राधानमंत्री ने स्वयं टीकाकरण लॉन्च के दौरान इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि दवाई भी और कड़ाई भी. जिन कोरोना योद्धाओं को कोरोना टीका का पहला डोज लगाया गया है, उन्हें 28 वें दिन दूसरा डोज दिया जाएगा. दूसरे डोज के 14 दिन बाद बाद ही कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसलिए टीके के बाद भी सावधानी बरतनी जरुरी है. ऐसी स्थिति में न लें टीका: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा यह आश्वस्त किया गया है कि कोविड टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है. टीके जल्द बनाए गए हैं, लेकिन पूरे नियमों का पालन किया गया ताकि यह सुरक्षित हो. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की ऐलर्जी है,वह यह टीका न लगवाएं. गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाया चाहिए. यह टीका 18 वर्ष से काम की उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है. कोविड-19 वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित: कोविड टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंधन के लिए सत्र स्थल पर एनाफलीसिस कीट एवं एईएफआई कीट की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है तथा इसके लिए संबंध में टीकाकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है.
मुंगेर से बिपिन कुमार की रिपोट
