बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से प्राइवेट टीचर रंजीत कुमार निराला से साक्षात्कार लिए है।जिसमे रंजीत कुमार निराला का कहना है कि इस वैश्विक महामारी कोरोना काल ने शिक्षा तंत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है।इस कोरोना काल में प्राइवेट टीचर की जो बदहाली हुई है वह किसी से छुपा नहीं है। इस कोरोना काल में शिक्षा का स्तर काफी गिरा है।स्कूलों में शिक्षा का स्तर में विद्यार्थी की उपस्थिति 30 - 50% ही हो पा रही है। जिस कारण से पहले की आर्थिक मार से उबर पाने का कोई मौका नहीं मिल पा रहा है। इस महामारी में लाख प्रयास करने के बावजूद भी माहमारी से उभारना बहुत मुश्किल पड़ रहा है। इस परेशानी की वजह से बहुत सारे शिक्षक अपने प्रोफेशन को बदलकर और भी दूसरे काम को करने में लग गए हैं। कुछ ही लोग किसी प्रकार अपने आप को बचा कर रख पाए है और फिर से इस प्रोफेशन को अपना कर जीवन शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं। वही कहते है कि शिक्षक के साथ-साथ और भी लोग फिर चाहे वह मजदूर हो या एक राजमिस्त्री सभी की स्थिति प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है।
