पूरा देश कोरोना वायरस से सहमे हुए हैं।वैसे में नाले की सफाई नहीं होने से महामारी फैलने की डर शहरवासियों में बनी हुई है।मुंगेर नगर निगम क्षेत्र के बड़े नाले में कचरे का अंबार लगा हुआ है।बड़े नाले की साफ-सफाई नहीं होने के कारण निकासी रुक गई है। नगर निगम क्षेत्र के लाल दरवाजा, दो और तीन नंबर गुमटी ,तोपखाना बाजार ,नीलम रोड, कमेला आदि से गुजरने वाले नाले जाम पड़ी हुई है ।स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो वर्षों से अधिक समय से बड़े नाले की सफाई नहीं हो पाई है।जागरूकता की कमी के कारण ऐसे लोगों की संख्या भी काफी अधिक है जो कचरे को नाले में फेंक देते हैं। इसमें कागज, प्लास्टिक और अन्य घरेलू कचरा शामिल है। अगर ऐसा चलता रहा तो इस नाली में मच्छर पनपने में देर नहीं है। मच्छर पनप गया तो लोगों को अपने घरों में रहना भी मुश्किल हो जाएगा। गर्मियों में मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की भी आशंका है। नाले की सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। नाले की नियमित सफाई तो दूर कोई उसकी सुध लेने वाला भी नहीं है। नाली की गंदगी को साफ के लिए संबंधित विभाग की लापरवाही से लोगों में काफी रोष है। शहर में नाले का गंदे पानी ओवर फ्लो होकर सडक़ पर ना बहे।इसके लिए बड़े नाले की सफाई आवश्यक है। अगर जल्द ही नाले की सफाई नहीं हुई तो डेंगू ,मलेरिया आदि जैसी बीमारियों के फैलने में देर नहीं लगेगी। उप नगर आयुक्त दीनानाथ ने बताया कि सभी बड़े नाले की सफाई दो से तीन दिन के अंदर करवाई जाएगी । उन्होंने कहा कि शहरवासियों को भी चाहिए कि बड़े नाले या छोटे नाले में कचरे ना गिराए ।शहर के सभी बड़े नाले में थरमोकोल एवं प्लास्टिक से बनी सामग्री से जाम पड़ी हुई है।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।