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बीते सप्ताह हमने विवाह में कुरितीयां और परपंराओं पर बात की थी। इसे आगे बढ़ाते हुए इस सप्ताह सत्यशोधक विवाह क्या है, और क्या इसे कानूनी मान्यता है, वर्तमान में समाज में इस की आवश्यकता क्यों हैं पर बात करेंगे। भारत में देश आजाद होने के आठ साल बाद 18 मई 1955 को हिंदू विवाह काननू लाया गया था। इस कानून में विवाह योग्य भावी वर वधु इनके बीच होने वाला एक करार कहा गया था। इस के पूर्व डेढ सौं वर्ष पूर्व महात्मा ज्योतिबा फुले ने विवाह की परिभाषा में कबुलायत शब्द का उपयोग किया गया था और सत्येशोधक विवाह पद्यति की शुरूआत की गई थी।
मेले का आगाज:बम बम बोले हर हर महादेव से गुंजायमान हुआ कोयलांचल भारी भरकम त्रिशूल लेकर पहुच रहे शिवभक्त
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एक साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने बताया की गरीबी कम नहीं हो रही है , हम देख रहे हैं कि हम ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं , हम एक किसान परिवार से हैं और गरीबी दिन - प्रतिदिन बढ़ रही है । गरीबों की संख्या बढ़ती जा रही है , घटती नहीं जा रही है , आपने देखा होगा कि हमारे पास एक औद्योगिक क्षेत्र है जहां मजदूर पूरे महीने दिन में बारह घंटे काम करता है । वह कहीं जाता है और उसे दस हजार रुपये और आठ हजार रुपये का वेतन मिलता है । अब अगर तीस दिनों तक दिन में बारह घंटे काम करने के बाद , अगर उसे एक कर्मचारी के लिए दस हजार रुपये मिल रहे हैं , तो आप बच्चों को शिक्षित करेंगे और परिवार का पेट भरेंगे। सरकार की ओर से , अधिकारियों की मिलीभगत से तैयार किए गए आंकड़े हैं कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर हमारी कपास की फसल की तरह जो क्षेत्र मुख्य फसल है , वह संतरे की मुख्य फसल है । आपको उन फसलों को प्राथमिकता देनी चाहिए और इसका एम . एस . पी . किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर फिल्म अभिनेत्री शशि शर्मा जी से एक खास मुलाकात
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा ग्रीष्मकालीन खीरे की खेती से सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं । विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में एक महिला क्या सोचती है... यह जानना बहुत दिलचस्प है.. चलिए तो हम महिलाओं से ही सुनते हैं इस खास दिन को लेकर उनके विचार!! आप अपने परिवार की महिलाओं को कैसे सम्मानित करना चाहेंगे? महिला दिवस के बारे में आपके परिवार में महिलाओं की क्या राय है? एक महिला होने के नाते आपके लिए कैसे यह दिन बाकी दिनों से अलग हो सकता है? अपने परिवार की महिलाओं को महिला दिवस पर आप कैसे बधाई देंगे... अपने बधाई संदेश फोन में नम्बर 3 दबाकर रिकॉर्ड करें.
विश्व वन्यजीव दिवस जिसे आप वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के नाम से भी जानते है हर साल 3 मार्च को मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य है की लोग ग्रह के जीवों और वनस्पतियों को होने वाले खतरों के बारे में जागरूक हो इतना ही नहीं धरती पर वन्य जीवों की उपस्थिति की सराहना करने और वैश्विक स्तर पर जंगली जीवों और वनस्पतियों के संरक्षण के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य या दिवस मनाया जाता है.विश्व वन्यजीव दिवस के उद्देश्य को पूरा करने के लिए है हर वर्ष एक थीम निर्धारित की जाती है जिससे लोगो में इसके प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूकता को बढ़ावा मिले . हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2024 का विश्व वन्यजीव दिवस का थीम है " लोगों और ग्रह को जोड़ना: वन्यजीव संरक्षण में डिजिटल नवाचार की खोज" है। "तो आइये इस दिवस पर हम सभी संकल्प ले और वन्यजीवों के सभी प्रजातियों और वनस्पतियों के संरक्षण में अपना योगदान दे।
