मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, शासन द्वारा मध्य सत्र में पांचवी और आठवीं की बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा आयोजित करने के आदेश से प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अधर में अटक गया है। अशासकीय शाला संघ की ओर से आगामी सत्र में बोर्ड एग्जाम की करने की मांग रखी गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अशासकीय शाला संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा गया ।जिसमें उन्होंने कहा कि मार्केट में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबे संचालित की जा रही है। जबकि शासन पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तकों से परीक्षा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसे में अगर परीक्षा होती है तो बच्चों के भविष्य अंधकार में जा सकता है, क्योंकि एनसीईआरटी की किताबें अभी उपलब्ध नहीं है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।