मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जिले में फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर की परीक्षा से वंचित शहर के 600 विद्यार्थी समय जिले के 1 हजार विद्यार्थी का भविष्य अधर में है।कोरोना संक्रमण और प्रचार-प्रसार के अभाव में इन विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं दे पाए हैं। संबंधित कॉलेज से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री तक शिकायत की जा चुकी है ।लेकिन अब तक हाल नहीं हल नहीं हो पाए हैं। वहीं छात्र संगठनों ने पीट विद्या विद्यार्थियों को न्याय दिलाने का लिए आंदोलन की चेतावनी दी है। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय से संबंधित जिले के कॉलेजों के विद्यार्थी बालाघाट, सिवनी और बैतूल के करीब 4 विद्यार्थी फर्स्ट ईयर सेकंड ईयर की परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए है और उनका मन की वजह से तरीके लगातार बढ़ती गई लेकिन लोग दोनों खुलने के बाद भी उन्हें मौका नहीं मिला। लेकिन सूचना और संसाधनों के अभाव में ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म से वंचित रह गए। परीक्षा शुरू होने के दौरान जब उन्हें जानकारी मिली तो वे मुख्यालय तक पहुंचे। और विश्वविद्यालय कॉलेज और जिला प्रदर्शन को लेकर इस संबंध में सूचित किया।