मध्यप्रदेश राज्य के जिला छिंदवाड़ा के सौंसर से दिनकर पातुलकर मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि -गरीबो के राशन पर वितरक व सहाकरी संस्थाओं के प्रबंधक डाका डाल रहे है। कोरोना संक्रमणकाल में गरीब परिवारों को तीन माह का राशन देने की योजना को पलीता लगाया जा रहा है। हितग्राहियों का तीन माह के बदले एक या दो माह का राशन दिया जा रहा है। गरीब परिवार राशन के लिए दुकानों के चक्कट काट रहे है। कुछ दुकानों में तो निःशुल्क राशन की भी राशी वसूली गई है। सौंसर ब्लाक में खाद्य आपूर्ति विभाग की महेरबानी से राशन वितरण में हो रही गड़बड़िया उजागर होने लगी है। बीते दिनों रामाकोना के साख सहकारी समिति के राशन दुकान से निःशुल्क राशन का रूपया वसूलने का मामला होने के बाद अन्य राशन दुकानों से भी इस तरह की शिकायते आने लगी। हालाकि विधिवत रूप से जोबनी के सहकारी समिति द्वारा संचालित दुकान में हुई गड़बड़ की शिकायत हुई है। सौंसर ब्लाक में राशन की 57 दुकाने है इन में माह अप्रैल, मई और जून का राशन वितरण होना था। लेकिन इन दुकानों से किसी कार्डधारी को दो माह तो किसी को तीन माह का राशन दिया गया। इस में कुछ दुकानों ने तीन के बदले एक माह के राशन की राशी वसूली गई। शिकायत होने पर दुकान के वितरकों ने राशी लौटाने या आगामी माह में निःशुल्क राशन देने की बात कर ग्रामीणों को चुप कर दिया। इस तरह की जाती है गड़बड़ीगरीबोें के राशन पर वितरक नियोजित ढंग से डाका डाल रहे है। राशन वितरण के दौरान योजना की जानकारी नहीं दी जाती है। जिन कार्डधारियों को योजना की जानकारी नहीं होती है उन्हें गुमराह कर योजना के अनुसार राशन नहीं दिया जाता है। रामाकोना के दुकान का उदाहर देखे यहा निःशुल्क राशन 20 अप्रैल से बाटने के आदेश आय थे लेकिन वितरक राशी वसूल रहा था। 22 अप्रैल को जागरूक युवाओं ने मुददा उठाने पर मामला उजागर हुआ। कुछ इस तरह जोबनी के भी राशन दुकान में हुआ है। कई बार वितरक वितरण के दौरान विवाद की स्थिति निर्माण कर दुकान बंद कर देते है।