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पटना(महताब आलम)- कोरोना को मात देने के उद्देश्य से राज्य में कई अहम् कदम उठाये जा रहे हैं. राज्य में अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ संदिग्धों को आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है. इसी कड़ी में सरकार द्वारा एक और अहम फैसला लिया गया है. अब राज्य भर में गंभीर श्वसन रोगियों एवं इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों से पीड़ित लोगों की निगरानी का भी फैसला लिया गया है. साथ ही इसमें निजी अस्पतालों को भी सहयोग करने की अपील की गयी है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर विस्तार से दिशा निर्देश दिया है. कोविड-19 के प्रसार को रोकने में होगा सहायक: पत्र के माध्यम से प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया है कि भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर राज्य में कई स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय(भारत सरकार), इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल मेडिकल रिसर्च( नईदिल्ली) एवं केयर, यूनिसेफ एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे संस्थाओं के विशेषज्ञों द्वारा जारी किये गये सलाह को निरंतर साझा किया जा रह है. इसी कड़ी में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए गंभीर श्वसन रोगियों एवं इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों से पीड़ित लोगों की निगरानी की जरूरत भी महसूस की गयी है. आईएलआई एवं एसएआरआई की अस्पतालों में होगी निगरानी: पत्र के माध्यम से बताया गया है कि आईएलआई( इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) एवं एसआरएआई( सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) की स्क्रीनिंग एवं निगरानी अस्पतालों में की जानी है क्योंकि अस्पतालों में इन रोगों को लेकर बहुत सारे मरीज भर्ती होते हैं. आईएलआई सर्विलांस सभी फ्लू क्लिनिक में होनी है जिसका निर्माण सभी सरकारी अस्पतालों में एवं निजी अस्पतालों के ओपीडी में किया गया है. वहीँ सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं निजी अपस्ताल आईएलआई एवं एसआरएआई सर्विलांस के लिए प्रहरी साईट की तरह कार्य करेंगे. सर्विलांस के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ये एक्शन होंगे महत्वपूर्ण: • सभी आईएलाई एवं एसआरएआई केसेज की जिले में होगी लाइन लिस्टिंग( सरकारी एवं निजी अस्पतालों में) • संदिग्ध कोरोना मरीजों के सैंपल होंगे एकत्रित • टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार आईसोलेशन की सुविधा एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक कोरोना मरीज का ईलाज जिला अधिकारी के नेतृत्त्व में जिले में नोडल पदाधिकारी नामित: जिले में इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस एवं सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रभावी सर्विलांस को लेकर जिला अधिकारी के नेतृत्त्व में जिले में नोडल पदाधिकारी नामित किये गए हैं, जिसमें डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट- इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. इससे संबंधित सभी तरह के दिशा-निर्देश राज्य के सर्विलांस पदाधिकारी द्वारा जिले के सर्विलांस पदाधिकारी को नियमित तौर पर भेजे जाएंगे. इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस को जानें: गंभीर श्वसन संक्रमण के साथ ,38 डिग्री सेल्सियस से अधिक शारीरिक तापमान ,खाँसी,पिछले 10 दिनों से लक्षण का आना सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस को जानें: गंभीर श्वसन संक्रमण के साथ, 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक शारीरिक तापमान की हिस्ट्री,खाँसी, पिछले 10 दिनों से लक्षण का आना ,अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो
Carona virus se hui knock down me paresani
चेनारी ब्लॉक में रासन लेने के लिए लग रही है भीड़ ,सोसल डिस्टेंट का उड़ रहा है धजिया ,लोगो में जागरूकता के अभाव में राशन लेने के समय लग रहा है भीड़ ,जो कोरोना महामारी बीमारी को दस्तक देने के लिए काफी है
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बिहार में कोरोना संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार बैठकों का सिलसिला जारी रखे हुए हैं. मुख्यमंत्री ने आज भी दिन भर राज्य के आला अधिकारियों के साथ अपने आवास पर बैठक की है. कोरोना वायरस को लेकर पैदा हुई आपदा की स्थिति में सरकार की तरफ से कोई कमी न रह जाए इसको सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के लिए एक संदेश भी जारी किया है. उन्होंने कहा है कि मौजूदा संकट में सिर्फ सतर्कता ही आप को सुरक्षित रख सकती है. मुख्यमंत्री ने मुंगेर के एक कोरोना वायरस पीड़ित की की चर्चा करते हुए कहा है कि जिस एक शख्स के कारण 11 लोगों तक कोरोना का इन्फेक्शन पहुंचा, उनकी मौत हो गई है. लेकिन बाकी लोग अभी भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि कोरोना का कहर पूरी दुनिया में है और इस आपदा से डरने की बजाय इसका मुकाबला करना है. जरूरत है कि सतर्कता और सावधानी के साथ परिस्थितियों का सामना करना ही सबसे बेहतर विकल्प है. नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार कोरोना संकट के बीच बिहार की जनता के लिए जो भी कर सकती है. वह हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. राज्य में कोरोना से पीड़ित किसी भी व्यक्ति के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी. साथ ही साथ मुख्यमंत्री राहत कोष के अलावे कोरोना और मूलन कोष का भी गठन किया गया है. मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी इस लड़ाई में मजबूती के साथ खड़े रहने का सहयोग मांगा है. नीतीश कुमार ने कहा है कि सभी जिलों के डीएम अपने संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल कर जमीनी हकीकत से अवगत कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुछ दिन पहले तक सीएम कंट्रोल रूम सहित सभी जगहों पर लगातार बिहार के बाहर से आने वाले लोगों के फोन कॉल आ रहे थे. लेकिन अब लोगों के पहुंच जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई है. मंत्री ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में में सबको यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि सरकार मजबूती के साथ हर बिहारी के साथ खड़ी है.
सासाराम में कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन के बाद घर के लिए पलायन कर रहे एक मजदूर की बुधवार को मौत हो गई। वह व्यक्ति चार लोगों के साथ प्रयाग से पैदल आ रहा था। पैदल पहुंचे कुछ मजदूरों ने बताया कि यात्रा के दौरान उसने पेट दर्द की शिकायत की थी। कहीं जांच नहीं होने से दर्द के कारण पता नहीं चला। नगर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि प्रवासी मजदूर वैशाली के भगवानपुर थाना अंतर्गत तिरमपुर पश्चिम टोला का निवासी था। उसका नाम विलास महतो था। वह किसी दूसरे राज्य में मजदूरी करता था। वह वह अपने गांव जा रहा था।
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असामाजिक तत्वों द्वारा लगभग 15 बीघा में लगे गेहूं की फसल को आग के हवाले किया ।
