वैश्विक महामारी कोरोना काल में संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया भर में लॉकडाउन किया गया। देश एवं राज्य में भी लोगों ने लॉकडाउन का पालन किया। लेकिन लॉकडाउन के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने सरकारी स्तर पर असहाय लोगों को मदद पहुंचायी तो, वहीं बहुत से लोगों ने अपनी निजी संपत्ति से जरूरमंद लोगों की मदद की। उस वक्त कुछ ऐसे लोग भी सामने आये जिन्होंने सरकारी और निजी स्तर पर भी लोगों की भूख मिटाने का हर संभव प्रयास किया। राज्य में ऐसे लोगों की एक लंबी फेहरिस्त है। इस लिस्ट में जिला के गुरुआ प्रखंड के बरमा पंचायत में आने वाले बिरहमा गांव के राशन डीलर रामरतन यादव भी हैं। उन्होंने न केवल लोगों को समय पर राशन उपलब्ध कराया बल्कि कोरोना काल में सरकार द्वारा दिए जाने वाले फ्री राशन के अलावा अपनी तरफ से भी लोगों की सहायता की। राशन का सामान गोदाम से उनके घर पहुँचने के बाद वह लोगों को खुद बुलाकर राशन वितरण करते हैं। . पंचायत के कई लोग ऐसे भी मिले जिनके पास राशन कार्ड नहीं थे। और खाने को घर में एक दाना भी नहीं। ऐसे समय में उनकी सहायता कर रामरतन ने मानवता का सुबूत दिया। समय पर सरकार ने शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचाया राशन: रामरतन यादव ने बताया कि 1990 से वह पीडीएस का काम कर रहे हैं। पहले पीडीएस डीलरों को प्रखंड पर जा कर राशन लाना पड़ता था तब बहुत परेशानी होती थी। मगर अब सरकार द्वारा राशन घर तक हर महीने की 20 तारीख तक पहुंचा दिया जाता है जिसे हम लोग 20 से ही अगले महीने की दस तारीख तक बांटते हैं। इसमें पॉस मशीन द्वारा पारदर्शिता के साथ सारा काम किया जाता है। यह मशीन 20 तारीख को ऑन हो कर अगले महीने की 10 तारीख तक काम करती है। इस बीच हम लोगों के घर-घर जाकर उनको राशन लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। पंचायत के 3 गांव बिरहमा, जय बिघा और समसपुर हमारे पास हैं। इन में कुल 1667 यूनिट के तहत 1667 लोगों में राशन का वितरण होता है। लॉकडाउन में लोगों की थी सहायता: बिरहमा गाँव की बबीता देवी ने बताया कि उसके पति लुधियाना में नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के कारण वह घर नहीं आ पाये, उनका काम भी बंद हो गया। वे लोग बहुत परेशान थे कि पांच बच्चों को क्या खिलाएं। लेकिन डीलर की सहायता से उन्हें जरुरी अनाज मिलता रहा। इस महामारी में यदि डीलर का सहयोग नहीं होता तो भुखमरी की नौबत आ सकती थी। जयबिघा के 70 वर्षीय मंडल रिकयासन ने कि बताया बच्चों का राशन कार्ड में नाम है। लेकिन उनका नाम नहीं है। फिर भी डीलर उन्हें हर महीने अनाज देते हैं। रामरतन यादव ने कहा कि क्षेत्र के कुछ लोग बड़ी उम्मीद से उनके पास आये और अपनी परेशानी बताई। यद्यपि वह उनको सरकारी राशन से कुछ नहीं दे सकते थे। क्योंकि उनके पास राशन कार्ड नहीं थे। मशीन उन्हें देने की इजाजत भी नहीं देती, क्योंकि एक-एक व्यक्ति की उसमें एंट्री होती है। उन्होंने बतया कि ऐसे में ज़रूरत मंद लोगों को उन्होंने अपने पास से अनाज देकर उनकी मदद की। यह दौर मुश्किलों भरा है। ऐसे में जरूरतमंदों की सहायता करना नैतिक जिम्मेदारी भी है एवं मानवता भी।
बिहार में आई आफत की बारिश और आंधी ने 7 लोगों की जान ले ली है। ठनका गिरने की वजह से सूबे में 7 लोगों की मौत हुई है। अलग-अलग जिलों में हुई मौतों की जानकारी सामने आई है। सरकार जल्द ही वज्रपात से हुई मौतों के लिए मुआवजे का एलान करेगी। मौसम विभाग ने पटना समेत कई जिलों के लिए आंधी तूफान और वज्रपात का अलर्ट जारी किया था।ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी ख़बर।
प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने शिक्षा मंत्री (बिहार सरकार) से उनके कार्यालय में मिलकर एक पत्र सौंपा जिसमें सत्र 2016-17, 2017-18, 2018-19, एवं 2019-20 में RTE के अंतर्गत लाभान्वित बच्चे की लंबित राशि निर्गत करने के संबंध में आग्रह किया है। शमायल अहमद ने शिक्षा मंत्री से मिलकर उन्हें अवगत कराया की पिछले 5 माह से स्कूल की फीस नहीं आ रही है क्योंकि जनवरी-फरवरी मे राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय कपकपी ठंड के कारण बंद थे और मार्च महीने से कोविड-19 के कारण अभी तक विद्यालय लगातार बंद है इसके कारण स्कूलों को फीस नहीं आ रही है और अब लगता है कि आगे भी एक दो महीने आने की संभावना नहीं है जिसके कारण बिहार के हजारों विद्यालय बंद के कगार पर है। और विद्यालय अपने यहां काम कर रहे 5 लाख से ज्यादा कर्मियों को वेतन नहीं दे पाएंगे
नालंदा जिला के हरनौत ब्लॉक के सीडीपीओ जया मिश्रा ने आम जनताओ के नाम खास सन्देश दिया है परवासी मजदूर भाई को धर्य के साथ रहने की
जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत संचालित विभिन्न कोरेंटीन सेंटरों पर स्थानीय रेफरल अस्पताल के प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ फैसल अरशद , डॉ रणधीर कुमार , आयुष चिकित्सक डॉ प्रियदर्शी , एस एस टी समीर कुमार आदि द्वारा आवासित प्रवासियों के स्वास्थ की जांच की गई । आदर्श टाउन हाई स्कूल में स्वास्थ की जांच कर दवा का वितरण , राज राजेश्वर हाई स्कूल में 40 प्रवासियों का स्क्रीनिंग , एस के आर कॉलेज , बबनबीघा हाई स्कूल , रमजानपुर मध्य विद्यालय में स्वास्थ्य जांच , सर्वा में 14 दिन गुजारने वाले को अपने घर के लिए मुक्त करना आदि कार्य किया गया । सर्वा मध्य विद्यालय में 14 दिनों तक आवासित रहने वाले प्रवासियों को ज़ुरुरी एहतियात बरतने की नसीहत देकर अपने अपने घरों के लिए विदा किया गया ।
इनायत खान जिलाधिकारी शेखपुरा के आदेश के आलोक में सभी प्रवासी नागरिकों को जॉब कार्ड देने के लिए उप विकास आयुक्त को निर्देशित किए हैं ।उन्होंने कहा कि जो भी इच्छुक प्रवासी हैं उन्हें 24 घंटे के अंदर काम सुलभ कराया जाए ।जो मजदूर बाहर से आए हैं यदि उनकी इच्छा है कि यहीं रहकर हम कार्य करें तो उनकी इच्छा के अनुसार यहां पर काम दिया जाए ।अभी तक मनरेगा के द्वारा 231 नया जॉब कार्ड बनाकर प्रवासी नागरिकों को सुलभ कराया गया है। इसके अलावा मनरेगा के माध्यम से 8034 प्रवासी नागरिकों को काम दिया गया है ।इसमें सबसे अधिक अरियरी 7944, शेखपुरा 36 चेवाड़ा 22,,घाट कुसुंबा 15 ghat kusumba 15 एवं शेखोपुर सराय 17 है।
बिहार राज्य के पटना ज़िला के दानापुर से दिलीप पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ई रिक्शा चालक सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे है। शासन द्वारा इ रिक्शा में दो व्यक्तियों को सवारी देने की छूट मिली थी परन्तु ई रिक्शा चालक पांच-छह व्यक्तियों की सवारी ले जा रहे है
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