बिहार सरकार के भूमि सुधार व राजस्व मंत्री रामसूरत राय 12 बजे कार्यक्रम के तहत शेखपुरा पहुंचे ।जहां वाजिदतपुर स्थित जिला भाजपा पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

शुक्रवार को राम सूरत राय मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार का जिले के परिसदन मे आगमन हुआ। अतिथि गृह में अभिजीत कुमार बंधु जिला बंदोबस्त अधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा अपर समाहर्ता संजय कुमार डीसीएलआर आदि अधिकारियों के साथ सर्वे के संबंध में समीक्षात्मक बैठक किए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

नालंदा के जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार ने शेखपुरा जिला के परिवहन अधिकारी का शुक्रवार को अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर लिया। मनोज कुमार ने वर्तमान डीटीओ शशि शेखरन से प्रभार ग्रहण किया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

प्रखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेखोपुरसराय में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिला का प्रसव पूर्व जाँच किया गया। सुबह से ही प्रखण्ड के विभिन्न गाँव से गर्भवती महिलाओं का आना शुरू हो गया था।इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ विपीन कुमार ने बताया कि हर माह के 9 तारीख को पीएमएसएमए अभियान के तहत गर्भवती महिला की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच की जाती है। साथ ही उन्होंने गर्भावस्था के दौरान आयरन और कैल्शियम की गोली खाने की सलाह दी तथा कोरोना से बचने को कहा गया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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धान की रोपनी शुरू होते ही उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कालाबाजारी की जाने लगी। हालांकि खाद की किल्लत अभी तक जिले में कहीं से देखने को नहीं मिली है। हर 10 से 15 दिनों में उर्वरक का नया स्टाक जिले में पहुंच रहा है। बावजूद इसके कालाबाजारी का खेल अभी से शुरू हो गया है।कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा खाद विक्रेताओं को पोस मशीन भी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इसका असर उनपर नहीं दीखता। कई खाद विक्रेता बिना पोस मशीन के ही खाद की बिक्री कर रहे हैं। किसानों के अनुसार खाद लेने के बाद उन्हें रसीद भी नहीं दी जाती है।

बढ़ती महंगाई ने आर्थिक रूप से कमजोर गैस उपभोक्ताओं के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। डीजल व पेट्रोल की कीमत बढऩे से माल ढुलाई का खर्च बढ़ा तो खाद्य सामग्री के दाम आसमान पर पहुंच गए। अब रसोई गैस की कीमत में फिर से 25.50 रुपये वृद्धि होने से किचन में आग लग गई है। गैस का दाम बढऩे से जहां गृहस्थी पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, वहीं बजट एवं व्यंजन का जायका बिगडऩे लगा है। उज्ज्वला योजना के अधिकांश उपभोक्ताओं ने सिलेंडर में गैस भरवाना बंद कर पारंपरिक संसाधन लकड़ी, गोंइठा व कोयला की ओर बढ़ चले हैं।

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