धान की रोपनी शुरू होते ही उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कालाबाजारी की जाने लगी। हालांकि खाद की किल्लत अभी तक जिले में कहीं से देखने को नहीं मिली है। हर 10 से 15 दिनों में उर्वरक का नया स्टाक जिले में पहुंच रहा है। बावजूद इसके कालाबाजारी का खेल अभी से शुरू हो गया है।कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा खाद विक्रेताओं को पोस मशीन भी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इसका असर उनपर नहीं दीखता। कई खाद विक्रेता बिना पोस मशीन के ही खाद की बिक्री कर रहे हैं। किसानों के अनुसार खाद लेने के बाद उन्हें रसीद भी नहीं दी जाती है।
