आक्रोश रैली को सफल बनाने को लेकर रांची रवाना हुए भाजपाई

पारा शिक्षकों को वेतनमान के समतुल्य मानदेय बढ़ोतरी के लिए 28 अगस्त को बैठक होगी। शिक्षा मंत्री बैजनाथ राम के साथ होनेवाली इस बैठक में सहायक अध्यापक के 10 प्रतिनिधि शामिल होंगे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

पूर्व घोषित तिथि के अनुसार भारत बंद के आह्वान पर बुधवार को संयुक्त अनुसूचित जाति /जनजाति फोरम (साजफ )के बैनर तले पुर्वाहण  सवा नौ बजे से राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 23 को पेटरवार तेनु चौक पर चक्का जाम कर दिया गया. जिसके कारण बोकारो-रामगढ़ पथ और तेनुघाट -कसमार पथ पूरी तरह से  जाम हो गया. चारों तरफ  छोटी -बड़ी वाहनों की लंबी कतार लग गयी. यहां तक की बाइकों को भी आर -पार नहीं होने दिया गया. जिससे सड़कों पर आवाजाही  करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई यात्रियों और जाम कर्ताओं के बीच हॉट -टॉक भी हुआ. आंदोलनकारी संविधान में छेड़ -छाड़ बंद करें, केंद्र सरकार हाय हाय आदि नारे लगा रहे थे. चक्का जाम कार्यक्रम साजफ के केंद्रीय प्रधान महासचिव बाली रजवार व जिला अध्यक्ष महेन्द्र मुंडा के नेतृत्व में किया गया. इन्होंने कहा कि संविधान में जो छेड़-छाड़ हुई है उसको केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट तुरंत वापस लें अन्यथा आंदोलनऔर भी उग्र किया जायगा. सडक जाम तीन बजे अपराह्न हटाया गया.  मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष अशोक रजवार, महासचिव राजेंद्र नायक, रुपलाल रजवार, राजू मुंडा, कुम्भकरण मुंडा, नारायण रजवार, बुधु घांसी, नेमचंद घांसी, जितेंद्र घांसी, शिवचंद बेदिया, संतोष रजवार, संटू कुमार, विजय मरांडी, मंसूर आलम, संदीप कुमार, बिहारी, प्रेमचंद बास्के, मुटुक धारी रजवार सहित अन्य आंदोलनकारी शामिल थे.

दलित संगठनों ने भारत बंद को शांतिपूर्वक बंद करने की अपील की। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से जे एम् रंगीला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद वासिरुद्दीन से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नोटिस जारी किया था कि राज्य में सभी कोई अपनी दुकान में एक नोटिस बोर्ड लगाएँ जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया,योगी महाराज ने ये काम किए, लेकिन यह बहुत गलत बात थी। इससे कि समाज में जातिवाद को बढ़ावा दिया जाएगा,आजादी को पचहत्तर साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी हमारे देश में इस तरह की जातिवाद देखने को मिलता है, इसलिए यह बहुत हद तक गलत और निंदनीय कदम था और यह समाज में कड़वाहट पैदा करेगा और भाईचारे को चोट पहुंचाएगा। यह देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सराहना हैं । उच्चतम न्यायालय अभी भी लोकतंत्र का संरक्षक है। हम इस आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही थी, क्या आपको लगता है। इरादा यह है कि उन्हें वहाँ से ऑक्सीजन मिले, जब तक यह हिंदू और मुसलमान नहीं करते, यह इस शक्ति में कायम नहीं रह सकता है और सत्ता में नहीं जा सकता है। सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जाति के आधार पर जो होता है वह गलत है। बिलकुल गलत। तो जो कहा गया वह यह था कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में हैं भाई भाई । फिर से स्थापित किया जाना चाहिए

कलकत्ता की डॉक्टर मोमिता देवनाथ के क्रूर दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ बोकारो में सरकारी और गैर-सरकारी डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

झारखंड में नवंबर के आसपास महाराष्ट्र के सात विधानसभा चुनाव होंगे। कांग्रेस ने भी चुनाव के लिए कमर कस ली है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने एक बड़ा बदलाव किया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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बालिका सामाजिक जन सहयोग फाउंडेशन ट्रस्ट ने उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। उत्पल मंडल जी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, उपस्थित लोगों ने उनका स्वागत किया और कहा कि झारखंड का आंदोलन अभी बाकी है।