बिहार के युवाओं के लोकप्रिय व चहेते युवा नेता कुणाल राम को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय सचिव के रूप में मनोनीत किया है इससे समस्तीपुर जिले के साथ बिहार राज्य के युवाओं में हर्ष का माहौल है, जिले के वरिष्ठ जन ने आशीर्वाद एवम युवाओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर पूरे समस्तीपुर जिले में उत्साह चरम पर रहा छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं ने गुरुवार को उदयीमान भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और इसके साथ ही 4 दिनों तक चलने वाला सूर्योपासना का पर्व छठ संपन्न हो गया बुधवार की शाम से ही समस्तीपुर जिले में गंडक नदी के किनारे बने घाटों की सजावट देखने लायक थी तथा जिला प्रशासन ने भी इसके लिए अच्छी तैयारी की थी और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम थे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया. उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोगों ने जन कल्याण की कामना की साथ ही इस महापर्व का समापन किया. सुबह के अर्घ्य को देने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ छठ पूजा घाटों पर दिखी.आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर हर जगह हर्षोल्लास दिखा. चार दिनों के महापर्व में पहले दिन नहाय खाय से शुरूआत हुई और आज यानी गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महापर्व का भव्य समापन हुआ. महापर्व के आज अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा होती है. कल अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना की गई थी और आज उदीयमान सूर्य की उपासना की गई.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मोहिउद्दीन नगर थाना के हरैल पंचायत में शनिवार की देर रात 14 वर्षीय एक किशोरी की मौत विद्युत स्पर्श घात के वजह से हो गई। मृत किशोरी की पहचान हरैल पंचायत के वार्ड नंबर 7 के निवासी श्रवन पासवान की 14 वर्षीय पुत्री अर्चना कुमारी के रूप में की गई । परिजनों ने बताया कि रात्रि में जब अर्चना घर में लगे लोहे के दरवाजे को खोलने गई तो लीकेज विद्युत तार के वजह से वह भी संपर्कीत हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई अपने बहन को विद्युत की चपेट में आया देख बचाने को गया उसका भाई छोटू कुमार भी बुरी तरह से घायल हो गया जिसका इलाज सदर अस्पताल समस्तीपुर में करवाया जा रहा है। किशोरी की मौत से छठ पर्व का उत्सवीय माहौल मातमी सन्नाटा बदल गया।सूचना पर पहुंचे स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने मृत किशोरी के परिजनों से मिलकर सांत्वना देते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। मौके पर निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता, अधिवक्ता अजय सिंह, विक्की कुमार सिंह सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक एवं अन्‍य नदियों व तालाबों के किनारे बुधवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को श्रद्धालुओं ने छठ का पहला अर्घ्य दिया गया। इस दौरान डीएम शशांक शुभंकर व एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो समेत तमाम पदाधिकारी घाटों के निरिक्षण पर निकले। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डीएम समेत तमाम वरिय पदाधिकारी नाव से भी घाटों का निरिक्षण करते दिखे। इस दौरान घाटों पर एसडीआरएफ टीम की भी तैनाती की गई थी।समस्तीपुर के मथुरापुर, जितवारपुर, रेलवे घाट समेत वारिसनगर, रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी में घाटों पर प्रशासन के साथ ही स्‍थानीय पूजा समितियों की ओर से व्‍यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के बूढ़ी गंडक घाटों पर व्रतियों का पहुंचना दोपहर से ही शुरू हो गया था। ऐसा ही नजारा जिले के अन्य प्रखंडों में भी देखने को मिला। अब व्रती गुरुवार की सुबह उगते सूर्य अर्घ्य प्रदान करेंगे।

विद्यापति नगर में नदियों व तालाबों के किनारे बुधवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को श्रद्धालुओं ने छठ का पहला अर्घ्य दिया। विद्यापति नगर के बंगराहा, बढ़ौना, सोठगामा, सिमरी, गढ़सिसई, कांचा, समेत दलसिंहसराय, पटोरी में घाटों पर प्रशासन के साथ ही स्‍थानीय पूजा समितियों की ओर से व्‍यापक इंतजाम किए गए थे। विद्यापति नगर के घाटों पर व्रतियों का पहुंचना दोपहर से ही शुरू हो गया था। ऐसा ही नजारा जिले के अन्य प्रखंडों में भी देखने को मिला। शाम को डीएम शशांक शुभंकर व एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो भी पूजा पर घाटों का निरीक्षण करने निकले। अब व्रती गुरुवार की सुबह उगते सूर्य अर्घ्य प्रदान करेंगे।

समस्तीपुर जिला के मोहद्दीनगर प्रखंड अंतर्गत कुरसहा पंचायत के विभिन्न छठ घाटों में लोक आस्था का महापर्व के तीसरे दिन संध्या के अर्घ है। युवकों द्वारा घाटों की सफ़ाई और साज सज्जा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

शिवाजी नगर लोक आस्था का महापर्व छठ प्रखंड क्षेत्र के सभी गांवों में घाटों पर जोर शोर से युवाओं द्वारा साफ सफाई किया गाया लोक आस्था का महापर्व छठ प्रखंड छेत्र के सभी गांव में घर-घर खड़ना के बाद चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हो गया है , छठ पर्व को लेकर बढ़ती महंगाई के बीच बाघोपुर, शिवाजीनगर ,बल्लीपुर बेला गांव सहित सभी हाट पेठिया बाजारों में भी खरीदारी को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी,सभी पोखर तालाब व करेह नदी किनारे छठ घाटों की साफ-सफाई का काम युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है, सभी गांव के बाजार एवं चौक चौराहो पर में व्रत की सामान की खरीदारी को लेकर लोगो की भीड़ उमड़ी हुई थी, लोग फल फूल एवं छठ पूजा में चढ़ाने वाले सभी सामग्रियों की खरीदारी कर रहे थे,महिला व्रतियों ने बताया कि दूरदराज से चलकर इस छठ पूजा में अपने गांव छठ पूजा करने पहुंची है बढ़ती महंगाई के बीच भी उत्साह के साथ वर्षो वर्षो से चली आ रही छठ पूजा को इस वर्ष भी खुशी के साथ मना रही है छठ पूजा को लेकर अन्य राज्यो से पँहुचे पुरुष महिलाओ के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा था ,युबाओ के द्वारा घाटों की साफ-सफाई के साथ-साथ छठ पूजा की तैयारी में जुट हुए थे महिला व्रतियों ने बताया कि आज खड़ना किया है इसके बाद 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत हो जाएगी बुधवार 9 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे ,वही सभी श्रद्धालु 10 नवंबर गुरुवार को सुबह फिर घाट पहुंचकर उदयमान सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत का समापन करेंगी, इधर छेत्र के सभी गांव और घर घर में छठ पूजा को लेकर महिला व्रती द्वारा छठ पूजा से जुड़े गीत गाया जा रहा था,जगह जगह छठ पूजा से जुड़े गीत बजने से पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ था।

छठ पर्व के खरना का प्रसाद खाकर अपने मित्र के यहाँ से अपनी कार से घर लौट रहे प्रॉपटी डीलर रंजन कुमार वर्मा को अपराधियो ने रहीमपुर रुदौली के समीप गोली मार कर हत्या कर दिया। घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब रंजन वर्मा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विक्रमपुरपुर बाँदे से अपने मित्र के यहां खरना का प्रसाद खाने गया था.  वहां से लौटने के क्रम में कार सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इसी बीच कार से निकलकर भागने का प्रयास करने पर पीछे से गोली मारकर रंजन की हत्या कर दी गई. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है और चार दिन तक इस उत्सव को धूमधाम से मनाया जाएगा। छठ के पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन शाम के समय सूर्य को अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है। इस पूजा के चारों दिन लगन और निष्ठा के सूर्य के साथ-साथ छठी मैया की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि छठ के दूसरे दिन यानी खरना वाले दिन छठी मैया घर-घर आती हैं और अपना शुभ आशिष देती हैं।इनकी पूजा दीपावली के छठे दिन की जाती है। छठी मैया की वजह से ही इस पर्व का नाम छठ पड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पूजा के दूसरे दिन छठ मैया की पूजा की जाती है और उनसे संतान प्राप्ति और दीर्घायु की कामना की जाती है। आइए जानते हैं कौन है छठी मैया और इनसे जुड़ी पौराणिक कथा…पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, छठ पूजा में होने वाली छठी मैया भगवान ब्रह्माजी की मानस पुत्री और सूर्यदेव की बहन हैं। इन्हीं मैया को प्रसन्न करने के लिए छठ पूजा का आयोजन किया जाता है। पुराणों के अनुसार, जब ब्रह्माजी सृष्टि की रचना कर रहे थे, तब उन्होंने अपने आपको दो भागों में बांट दिया था। ब्रह्माजी का दायां भाग पुरुष और बांया भाग प्रकृति के रूप में सामने आया। प्रकृति सृष्टि की अधिष्ठात्री देवी बनीं, जिनको प्रकृति देवी के नाम से जाना गया। प्रकृति देवी ने अपने आपको छह भागों में विभाजित कर दिया था और इस छठे अंश को मातृ देवी या देवसेना के रूप में जाना जाता है। प्रकृति के छठे अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी भी पड़ा, जिसे छठी मैया के नाम से जाना जाता है। बच्चे के जन्म होने के बाद छठवें दिन जिस माता की पूजा की जाती है, यह वही षष्ठी देवी हैं। षष्ठी देवी की आराधना करने पर बच्चे को आरोग्य, सफलता का आशीर्वाद मिलता है।