बिहार राज्य के सारण जिला के सोनपुर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता संजय कुमार बबलू ने जानकारी दी कि कोरोना लाकडाउन का करीब 12 दिन बीतने को है. लॉकडाउन से गरीब तबके खासकर दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा-खोमचा-ठेला चालक, फूटपाथी दुकानदार आदि के समक्ष भूखे रहने की समस्या आन पड़ी है. उन्हें काम भी नहीं मिल पा रही है और न कोई अन्य सहायता। केंद्र एवं राज्य सरकार मई में 5-5 किलो, कुल 10 किलो प्रति यूनिट नि:शुल्क राशन देने की घोषणा की थी. राशन का वितरण 5 मई से होना था लेकिन 5 मई से ही तमाम डीलर अपने मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर चले गये. फलतः राशन वितरण शुरू भी नहीं हो पाया.राशन के आभाव में गरीबों की बड़ी आवादी भूखे रहने का मजबूर है. घर में जमा राशि- राशन गत वर्ष के लाकडाउन में वे खर्च कर चुके हैं. यहाँ तक की अब उन्हें गांव- घर, पास- पड़ोस में महाजनी कर्ज भी नहीं मिलता है. बाबजूद इसके भाजपा- जदयू की सरकार चिर निद्रा में सोई हुई है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
