Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
झारखण्ड जिला बोकारो,थाना पेटरवार,ग्राम चांपी से सुषमा कुमारी जी मोबाईल वाणी के माध्यम से ये सभी महिलाओं तथा युवतियों को काम करने के लिए प्रेरित करना चाहती है।क्योंकि हमारे समाज में महिलाओं तथा युवतियों को अनेक प्रकार के अत्याचारों और कुरीतियों का सामना करना पड़ता है।जिसके कारण कई बार वो आत्म हत्या कर लेती है । जनसंख्या घटने का एक कारण यह भी है।इनका कहना है कि सरकार महिलाओं के लिए एक ऐसा कानून बनाये ताकि महिलाओं और युवतियों को किसी भी तरह के अत्याचारों का सामना करना ना पड़े।ग्रामीण क्षेत्रो में महिलाओं का एक समूह बनाना चाहिए और सप्ताह में एक दिन बैठक करना चाहिए।और अगर किसी पर अत्याचार होता है तो वैसी सस्याओं का समाधान करते हुए उसके परिवार वालो को दण्ड दे ताकि हमारे समाज में सुधार हो सके।
भारत समृद्ध संस्कृति का एक ऐसा देश है जहाँ एक से ज्यादा संस्कृति के लोग एक साथ रहते हैं। भारत विशाल देश होने के नाते विभिन्न बहुमूल्य लोक गीतों से भरा पड़ा है, और ये गीत इस विशाल क्षेत्र पर बसे विभिन्न संप्रदायों की संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं । इसी तरह झारखण्ड की लोक संस्कृति में झूमर का हमेशा एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। परंतु अन्य लोक कलाओं की तरह झारखण्ड का झूमर गीत भी दिनों दिन विलुप्त होने के कगार पर है। दोस्तों क्या कारण है कि सरकार द्वारा झारखण्ड के भाषा,संस्कृति एवं सभ्यता के संरक्षण के लिए संस्थाएँ बनाने के बावजूद, झूमर जैसी गायन परम्परा विलुप्त होती जा रही है? क्या सरकार की योजनाओं में कोई कमी है? और क्या केवल यह जिम्मेवारी सरकार की ही है? झारखण्ड की झूमर गायन परम्परा के प्रति, इतना उदासीन क्यों है? युवा वर्ग को झूमर गायन परम्परा बचाने के लिए कैसी पहल और प्रयास करना चाहिए?
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
