खुटौना प्रखण्ड मधुबनी बिहार

आज देश के प्रधानमंत्री जी आंदोलन कर रहे किसानों को किसान की दर्जा दिया साथ ही तीनों काला कानून वापस ले कर बार्ता का रास्ता साफ किया इसके लिए धन्यवाद. किसानों को अनाज का लाभ कारी मूल्य की कानूनी दर्जा दिया जाए यह मांग जारी रहेगी.. जिससेे अपनी अनाज बेचने में कठिनाई नहीं हो। पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वापस लेने का ऐलान किया है. पीएम मोदी ने आज सुबह 9 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए यह अहम घोषणा की. मालूम हो कि पिछले साल सरकार ने संसद में तीन नए कृषि बिलों को पारित करवाया था, जिसके बाद यह कानून बन गया था. तब से ही दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा के बड़ी संख्या में किसान आंदोलन कर रहे थे. किसानों की मांग इन कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की थी. गुरु नानक जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ''भले ही किसानों का एक वर्ग इसका (कृषि कानूनों) विरोध कर रहा था. हमने बातचीत का प्रयास किया. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया. हमने अब कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है.'' पीएम मोदी ने किसानों से अपील की, आप अपने अपने घर लौटे, खेत में लौटें, परिवार के बीच लौटें, एक नई शुरुआत करते हैं. किसानों का यह आंदोलन पिछले लगभग एक साल से चल रहा था।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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बिहार राज्य के मधुबनी ज़िला के जयनगर प्रखंड से अमर ज्योति ,मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा जयनगर के कांग्रेस कार्यालय में दिल्ली सीमा में हो रहे विरोध में शहीद किसान के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं द्वारा कहा गया कि इस कृषि बिल विरोध में कई किसान की जान जा चुकी है परन्तु सरकार अभी भी कोई उचित निर्णय नहीं ले रही है।

दिल्ली में हुए किसान आंदोलन को लेकर कृषि कानून के ऊपर मधुबनी में भाजपा माले की बैठक देर रात तक हुई | विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।     

6 फरवरी 21 को अखिल भारतीय किसान आंदोलन चक्का जान के तहत बिहार राज्य किसान सभा के जयनगर इकाइ के द्वारा बेला बांध चौक पर NH104 को 2 बजे से 3 बजे तक जाम किया गया । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।     

किसान और सरकार की हद से नहीं निकल रहा है कृषि कानून | विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।   

सरकार को जल्द से जल्द कृषि आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास करना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।