बिहार राज्य के मधुबनी जिले से,रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि देश भर में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है।देश के युवा वर्ग रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं,बेरोजगार लोग रोजगार की तलाश में दूसरे देशों में पलायन कर रहे हैं।बेरोजगारी की समस्या के कारण ही आज आपराधिक प्रवृति अधिक देखने को मिल रही है।सरकार को बेरोजगारी उन्मूलन के लिए ठोस कार्यवाही करने की जरुरत है।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बड़ा कठिन डगर है पनघट का।खनन एक्ट 2017 के विरोध में प्रखंड के सभी बालू एवं गिट्टी की दुकानें बंद हो गयी है। बालू मिलना मुश्किल हो गया है।ऐसे में विकास का कार्य मार्च 2018 तक का निर्धारित लक्ष्य कैसे पूरा होगा।खास कर 31 मार्च 2018 तक खजौली प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में कैसे बनेगा शौचालय और कैसे बनेगा शौच से मुक्त पंचायत और प्रखंड । सरकार को बालू-गिट्टी का वैकल्पिक मार्ग निकालना चाहिए।

बिहार राज्य के मधुबनी जिले से,रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि खजौली अंचल में वर्षों से नहीं हो रहा है दाखिल ख़ारिज जिसे हज़ारों लोग परेशान हैं।जिसके कारण भूस्वामियों को अनेक सरकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है।इसके साथ ही सरकार को भी कई लाख रुपये का राजस्व नहीं मिल रहा है।बिहार भूमि दाखिल खारिज नियामवली 2012 के अनुसार दाखिल खारिज के लिए याचिका दायर करने के लिए अंचल निरीक्षक को प्रतिवेदन दे सकते हैं।जिसके दो दिनों के भीतर कर्मचारीयों को इसकी जाँच करनी होती है।लेकिन इस जांच की परक्रिया दो दिनों के बदले महीनों और वर्षों में भी पूरी नहीं होती हैं।लोग थक कर बैठ जाते हैं पर कोई सामाधान नहीं निकलता है।इस समस्या के निराकरण के लिए जल्द ही कोई प्रयास किया जाना चाहिए।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि बिहार सरकार समय समय क्रमशःत्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओ के अधिकारों में कटौती कर रही है। 1957 में गठित बलवंत राय मेहता कमिटी के सुझाव के आलोक में प्रेषित पंचायती राज संस्था का आरंभ हुआ।संविधान में तिहत्तरवां संशोधन अधिनियम 1992 के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 247 छह में ग्यारहवीं सूची जोड़े गए।बिहार पंचायती राज नियामवली 2017 के आलोक में मुखिया के अधिकारों में कटौती की गयी।विवाह निबंधन नियामवली के तहत मुखिया को विवाह निबंधक के पद से हटाने निर्णय होने वाला है।सरकार को अगर लग रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधि सरकार का सौतेला भाई या शत्रु है तो उसे पहल कर 72वा संविधान संशोधन को निरस्त कर देना चाहिए।साथ ही मुखिया,उप मुखिया ,वार्ड सदस्य ,जिला परिषद् पदों का उन्मूलन कर देना चाहिए

बिहार राज्य के मधुबनी जिले से,रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मधुबनी के खजौली अंचल में हज़ारों व्यक्तियों की जमाबंदी कई सालों से अधतन अपडेट नहीं की जा रही है।यहाँ के राजस्व एवं अंचलाधिकारी की भ्रस्टाचार की नीति की वजह से यहाँ के लोग अपने दादा-परदादा के नामों को ढ़ोने के लिए विवश हैं।जिसकी वजह से लोगों को कई सरकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है।किसी भी मृतक विक्रेता के नाम पर जमाबंदी नहीं चलाई जा सकती पर खजौली प्रखंड में खूब चल रही हैं।मालगुजारी के नाम में भी मृतक का नाम भी अंकित है।इस समस्या पर कई बार स्थानीय अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया गया है पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी है।

बिहार राज्य के मधुबनी जिले से,रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि किसी भी व्यक्ति के लिए आवास का होना उसकी मुलभुत आवश्यकता होती है।जिसे बिहार राज्य के मधुबनी जिले के कई परिवार वंचित हैं।जिन लोगो का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए हो गया है,उन्हें भी आवास नहीं मिल पा रहा है। आवास ना मिल पाने का कारण है भूमि का अभाव अगर भूमि ही नहीं होगी तो आवास निर्माण किस जगह किया जाएगा।सरकार के रैन बसेरा योजना के तहत भी भूमिहीन परिवारों को भूमि आबंटित किये जाने का प्रावधान है।इसके बाद भी इस जिले के अधिकतर परिवारों को इस लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।इस विषय पर जल्द ही गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

रामाशीष जी,बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं की लोहिया स्वछता अभियान जिसके अंतर्गत शौचालय निर्माण किया जाना था का सर्वेक्षण कार्य पंचायतो में चल रहा है।शौचालय निर्माण की राशि को हजम करने के लिए ग्रामीणों से कहा जा रहा सर्वेक्षणकारों की शौचालय विहीन सूची में अपना नाम लिखवायें।जिसकी वजह से यह पता नहीं लग पा रहा की वास्तविक में शौचालय विहीन परिवार कौन सी है।सर्वेक्षणकारों की टीम भी अस्मंजस में हैं की करे और क्या नहीं ?

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आज सुबह कन्हौली पंचायत के वार्ड नंबर 11 में ब्रह्म स्थान से लेकर मिया टोल तक स्वच्छता अभियान चलाया गया।मुखिया रामशीष सिंह भी इस कार्य में शामिल थे।इस कार्यक्रम में मुखिया के साथ उपमुखिया और वार्ड सदस्य भी शामिल हुए साथ में दर्जनों महिलाओं और बच्चो ने भी भाग लिया।मुखिया द्वारा लोगो से अपील की गयी की सड़क को गन्दगी से मुक्त रखे, गंदगी ही बीमारियों को फैलाती है।इससे वातावरण भी दूषित होता है।अगर लोग सड़को पर गन्दगी फैलाते है तो उनके विरुद्ध पंचायत के धाराओ के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अखड़ा गौड़ा दक्षिण पंचायत के पंचायत सरकार भवन के गलत स्थान चयन का विरोध में एकदिवसीय धरना दिया गया। वार्ड नंबर 1 से 7 के जनप्रतिनिधि ,पूर्व जन प्रतिनिधि व जनता खजौली प्रखंड कार्यालय के सामने अपनी मांगो को लेकर एक दिवसीय धरना दिए। मांगो में प्रमुख है अखड़ा गौड़ा दक्षिण पंचायत के पंचायत सरकार भवन का निरिक्षण जिला पदाधिकारी करे।साथ ही प्रस्तावित पंचायत सरकारी भवन का भूखंड का निरिक्षण करे. भौगोलिक दृष्टिकोण से स्थान का चयन सही नहीं है

बिहार के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि खजौली प्रखंड कार्यालय के प्रधान सहायक एवं अन्य सहायकों को इतनी भी जानकारी नहीं है कि प्रखंड में कुल कितने वार्ड हैं। इस बात का खुलासा प्रखंड के लिए आये पत्र से हुआ है।यह पत्र लोहिया स्वच्छता अभियान सर्वेक्षण से सम्बंधित है। इस पात्र में कनौली पंचायत के 14 वार्डों में सर्वेक्षण कर्ता नियुक्त किया गया है,जबकि पंचायत में मात्र 13 वार्ड ही है। अब सवाल यह है कि 14 वां वार्ड कहाँ से आएगा?