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जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड में विकास कार्य कैसे होगा। मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना धरातल पर कैसे पहुंचेगी।सत्तारूढ़ में हर छोटे नेताओं को पदाधिकारियों से रुपये-पैसे चाहिए। उन्हें विकास कार्यो और मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजनाओ से कोई मतलब ही नहीं है।नेताओं का एकसूत्री नारा है अफसर माल कमाता है तो माल होगा।अन्यथा बदली करा देना उनके बाए हाथ का खेल है।अगर स्थानीय नेता विकास चाहती है तो ऐसे नेताओं का भांडा फोड़ करना पड़ेगा।

राज्य बिहार के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की पांच से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित गाँवो को शहरी क्षेत्रो की स्थिति में रखा है पर उन्हें शहरी क्षेत्र के अनुसार बिजली विभाग द्वारा बिजली की आपूर्ति नहीं की जाती है।विद्युत आपूर्ति विभाग के निर्धारित मापदंड के अनुसार प्रखंड अनुमंडल जिला मुख्यालय से गुज़रने वाली ग्यारह केवी फीडर सभी विद्युत आपूर्तिकरण शहरी क्षेत्र के आधार पर किया जाता है तथा अन्य उपभोक्ताओं का वितरण ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर किया जाता है।इसके लिए मापदंड ही अनुचित है।विद्युत विभाग को इस ओर अविलम्ब ध्यान देना चाहिए।

बिहार राज्य के मधुबनी जिला से रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि खजौली बाजार में सड़क के दोनों ओर माँस-मछली का बाज़ार लगता है।इसी बाज़ार में कबाड़ी का भी दूकान है।जिसकी वजह से यहाँ भयंकर गन्दगी और दुर्गन्ध की समस्या बनी हुई है।इसके साथ ही यहाँ पर आवागमन में भी परेशानी होती है।सुबह से ले कर शाम 7 बजे तक यहाँ माँस मछली खरीदने वाले लोगों की भीड़ लगी होती है।जाम की समस्या और दुर्गंध से यहाँ से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।जहाँ यह बाज़ार लगता है,उसी स्थल पर पुलिस थाना भी है,पर अब तक प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया है।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी रविंद्रनाथ टैगोर की लिखित पुस्तक गीतांजलि की एक कविता प्रस्तुत कर रहे है।

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बिहार राज्य के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बिहार सरकार का सात निश्चय ,सात निश्चय नहीं बल्कि अनिश्चय है।माननीय मुख्यमंत्री जी का सात निश्चय का प्रचार प्रसार बड़े जोरो -शोरों से करोड़ो रुपये खर्च कर किया जा रहा है. बिहार में ना तो घर घर बिजली पहुंची है और ना ही घरों में पेयजल की व्यवस्था हुई ,सरकार का एक भी निश्चय अभी तक पूरा नहीं हुआ है।वार्ड के प्रबंधन समिति का खाता किसी भी बैंक में नहीं खुला जिससे वे कार्य कर सके। सरकार को अपने बहुप्रसारित योजनाओं के क्रियान्वयन की जाँच करनी चाहिए।

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जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि शिक्षक करेंगे अब लोटा की निगरानी।पता नहीं शिक्षक के भाग्य में शिक्षण के अतिरिक्त और कौन कौन से कार्य करने बाकी है।शिक्षक जनगणना ,मतगणना ,पशुगणना और बीएलओ का काम आदि तो करते ही थे पर अब उन्हें स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए सड़क पर जाने वाली लोटा की भी निगरानी करने का दायित्व सौंपा गया है।आज शिक्षकों की ऐसी दशा हो रही है कि आने वाले समय में बिहार की शिक्षा व्यवस्था क्या होगी उसक भगवान् ही मालिक है।