बिहार राज्य के मधुबनी जिला अंतर्गत खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत खाद्य से वंचित योग्य परिवारों को इसका लाभ कब मिलेगा। राज्य के प्रत्येक पंचायतो में 15 से 20 प्रतिशत योग्य एवं पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से एवं यहाँ तक की इस योजना के लागु होने के तिथि से भी वंचित है। कई लाभुक इस योजना का लाभ लेने का प्रयास भी किया है लेकिन आज तक जाँच नहीं की गयी है। साथ ही ये भी देखा जा रहा है कि जो इस योजना के योग्य नहीं है वे गलत तरीके से इस योजना का लाभ वर्षो से ले रहे है लेकिन उनका कार्ड रद्द करवाने का साहस किसी में भी नहीं है, साथ ही प्रशासन भी इस योजना की ओर मौन धारण की हुई है।

बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि शिक्षा विकास की पूँजी है एवं प्राथमिक शिक्षा ही शिक्षा की नींव है।यदि प्राथमिक शिक्षा रूपी नींव ही कमजोर होगी तो शिक्षा रूपी भवन का धराशाई होना निश्चित है।वर्तमान समय में,बिहार राज्य में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है।इस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था से सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।संविधान लागू होने के समय शिक्षा को संविधान की सातवीं अनुसूची,सूचि दो में अर्थात राज्य सूचि में सम्मिलित किया गया था। इस सूचि के अनुसार राज्य विधान मंडल को कानून बनाने की शक्ति है।संविधान के बियालीसवाँ संशोधन के अनुसार शिक्षा को सातवीं अनुसूची की सूचि तीन समवर्ती कंक्रीट लिस्ट में शामिल किया गया है। इस सूचि के विषयों पर संसद एवं विधान मंडल को कानून बनाने का अधिकार है।यदि बेपटरी हुई प्राथमिक शिक्षा को सरकार पटरी पर लाना चाहती है तो प्राथमिक शिक्षा को सातवीं अनुसूची,सूचि एक सेन्ट्रल लिस्ट में शामिल करने के लिए संसद को संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता है।

राज्य बिहार के खजुरी जिला से रामाशीष जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की नेताजी सुभाष चंद्र्बोस से किसी ने कहा की आप शादी क्यों नहीं करते है तो , सुभाष चंद्रबोस जी ने बोले की कोई मन माँगा दहेज नहीं देता हैं तो उस व्यक्ति ने बोला की आप को कोई भी दहेज दे सकता है , लेकिन हमे दहेज में देश की आजादी चाहिए।

राज्य बिहार के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि रास्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को लागू हुए 7 वर्ष हो गए है।लेकिन राज्य में अभी भी लाखो योग्यताधारी इस लाभ से वंचित है।जबकि अयोग्य परिवार इस योजना का लाभ बेशर्मी से उठा रहे है।पीड़ित परिवार पंचायत ,प्रखंड और अनुमंडल कार्यालय का चक्कर लगाते थक चुके है। नए नियम के अनुसार नए राशन कार्ड बनाने का कार्य पंचायत का है पर वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे है।सरकार को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।

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राज्य बिहार के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कब तक दुरुस्त होगा पेंशनधारियों का खाता।कब आएगी उनके खातों में पेंशन की राशि,यह कहना कठिन है।राज्य के प्रत्येक पंचायत में सैकड़ो पेंशनधारियों के खाते में पेंशन की राशि नहीं भेजी गयी है।उनमे त्रुटिया बताई जाती है।गलतियों को सुधरने के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाने का स्वांग भी किया गया है।लेकिन सुधार नहीं हुआ स्थिति पूर्व की तरह बनी हुई है।सैकड़ो पेंशनधारी पेंशन पाने की आशा में कई बार सुधार करवा चुके है।सरकार को इस गंभीर समस्या की ओर जल्द ध्यान देने के जरुरत है।

बिहार राज्य के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि 12 अप्रैल 2012 से आदेशित सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार देश के हर 6-14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चो को मुफ़्त शिक्षा हासिल होगी। पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चे अनिवार्य रूप से पढ़ेंगे ,अभिभावको को बच्चो को अपने आस-पास के स्कूलों में दाख़िला करने का अधिकार होगा।सभी तरह के स्कुल इस कानून के दायरे में आएंगे। और सभी स्कूलों को 25 प्रतिशत बच्चो को सीट मुफ्त में मुहैया करानी होगी।जो ऐसा नहीं करेगा उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।लेकिन बिहार राज्य में क्या इन कानूनों का पालन हो रहा है ,क्या गरीब 25 प्रतिशत बच्चो को सीटे मुफ्त में मुहैया कराई जा रही है नहीं।बिहार सरकार को अविलंब इस ओर ध्यान देते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए

राज्य बिहार के जिला मधुबनी के प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड के कन्हौली पंचायत के 400 परिवारों को राशन कार्ड मिलेगा या नहीं कहा नहीं सकता है।खाद्य सुरक्षा अधियनियम योजना से वंचित परिवार कई वर्षो से राशन कार्ड के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे है। पंचायत स्तर पर जाँच का आदेश जून 2017 में ही मिला लेकिन आज तक विभाग से जाँच प्रतिवेदन नहीं भेजा गया है।वंचित परिवारों को राशन ,किरासन नहीं मिला है जिससे उपभोक्ता परेशान है।

बिहार राज्य के मधुबनी जिला से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि शहरों की ओर बढ़ते पलायन को रोकने की जरुरत है।हमारा देश कृषि प्रधान देश है।हमारे देश की आधे से अधिक आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहती हैं।वर्तमान में लोग शहरी माया जाल में फँस कर गावँ से शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं,यह बहुत ही चिंता का विषय है ।लोगों को यह लगने लगा है,की गाँव में अब कुछ भी नहीं रखा है।जबकि यह सोचना पूर्णतः गलत है।आज भी गाँव की शुद्ध हवा एवं खान पान और शिक्षा शहरों से बेहतर है।आज की शिक्षित युवा पीढ़ी गाँवो को और विकसित कर सकती है,अपनी योग्यता और क्षमता से।आज लोगों को जरुरत है,वापस से गाँव आ कर गाँव में अपनी योग्यता से संबन्धित रोजगार करने की,साथ ही लोगों को भी रोजगार के अवसर देने की और अपने कृषि प्रधान देश को गौरवान्वित करने की।

राज्य बिहार के जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि खजौली प्रखंड के विभिन्न पंचायतो में इन दिनों आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने के लिए जमीन की विकट समस्या खड़ी हो गयी है।प्रखंड के प्राय सभी पंचायतो में जमीन उन्मूलन के सम्बन्ध में हल्का कचहरी वाली सरकारी जमीन है।जिसे अतिक्रमित कर लोग लाभ ले रहे है।जमीन पर अतिक्रमण हटा कर आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जा सकता है। अंचल अधिकारी के कार्यालय में इससे सम्बंधित अभिलेख भी है।